कानपुर—पितृ पक्ष की अमावस्या पर रविवार को शहर के घाटों पर आस्था का सैलाब उमड़ा। हजारों श्रद्धालुओं ने सरसैया घाट, गुप्तार घाट, पत्थर घाट सहित गंगा तटों पर स्नान कर अपने पितरों का श्राद्ध और तर्पण किया। गंगा जल, फूल और पूजन सामग्री अर्पित कर श्रद्धालुओं ने पितरों को अंतिम विदाई दी।
सुबह से ही घाटों पर भीड़ बढ़ने लगी, जिसके चलते पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पाँच बजे से ही वाहनों को रोकना शुरू कर दिया। पंडों और पुरोहितों ने बताया कि पितृ अमावस्या खासकर उन लोगों के लिए विशेष महत्व रखती है, जिनकी मृत्यु अमावस्या तिथि को हुई हो।
मान्यता है कि इस तिथि पर श्राद्ध करने से सभी पितरों की आत्माएं तृप्त होती हैं और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। यही कारण है कि इसे सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या कहा जाता है, क्योंकि इस दिन कोई भी व्यक्ति अपने सभी पूर्वजों का श्राद्ध कर सकता है।