कानपुर—सनातन सेवा सत्संग कानपुर प्रान्त उत्तर प्रदेश के तत्वाधान में पितृ विसर्जनी अमावस्या के अवसर पर सरसैया घाट स्थित गंगा तट पर श्रद्धा पूर्वक तर्पण और पिंडदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सनातन परिवार के सदस्यों ने अपने पितरों, पुलवामा हमले में शहीदों, ज्ञात-अज्ञात सैनिकों, अजन्मी कन्याओं और देश के अमर शहीदों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम का आचार्यत्व पंडित दीना नाथ दुबे ने किया और संयोजकत्व ओमकांत त्रिपाठी, महावीर गुप्ता और राकेश मोहन तिवारी ने संभाला। संस्था के प्रांतीय अध्यक्ष आचार्य सुधीर भाई मिश्र ने महालय (पितृ पक्ष) के 15 दिनों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इन दिनों में देव, ऋषि और पितरों के लिए तर्पण करना अनिवार्य है जिससे पितृ तृप्त होंगे और परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी।
संस्था द्वारा यह 12वां आयोजन था और इसमें भाग लेने वाले प्रत्येक सनातनी को पूजन सामग्री, तिल, अक्षत, जौ, कुश, पुष्प, धूप, दीप और नौवेद्य निःशुल्क प्रदान की गई। गंगा स्नान के पश्चात श्रावणी उपाकर्म में पूजित, अभिमंत्रित यग्योपवीत विधि से श्यामबाबू शुक्ल द्वारा धारण कराकर पंचगव्य का पान कराया गया।
संस्था के वरिष्ठ सदस्य अभय शंकर दुबे के संयोजन में सभी उपस्थित सनातनों को समरसता भोज कराया गया। कार्यक्रम में सुधीर शुक्ल शीलू, रामू मिश्रा, अतुल अवस्थी, पवन तिवारी, राजेंद्र अवस्थी, संकटा प्रसाद मिश्र, डॉ. अशोक क्रांतेश, सुभाष मिश्र, एएन त्रिपाठी, यूएन मिश्र, अरविंद शुक्ल, शशिकांत पांडेय, कमलेश बाबू मिश्र, गंगाराम पाल, श्री नाथ गुप्त, डॉ. संतोष त्रिपाठी, आरके अगिनहोत्री सहित अन्य प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे।