पचास से अधिक संगठनों की ऑनलाइन बैठक में हुआ फैसला, सरकार पर दिव्यांगों की उपेक्षा का आरोप
कानपुर। दिव्यांग महागठबंधन की आज हुई ऑनलाइन बैठक में प्रदेशभर से पचास से अधिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 15 सितंबर को उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में जिलाधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में जनप्रतिनिधियों के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
महागठबंधन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने अब भी मांगों को पूरा नहीं किया तो तीसरे चरण में मुख्यमंत्री कार्यालय विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
गौरतलब है कि 30 जुलाई को मुख्यमंत्री कार्यालय विधानसभा पर हुए प्रदर्शन के बाद दिव्यांग महागठबंधन की मुख्यमंत्री के ओएसडी से वार्ता हुई थी। उस समय सरकार की ओर से पेंशन ₹1500 करने, लेखपाल व मुख्य सेविका अभ्यर्थियों को नियुक्ति दिलाने, दिव्यांगों को नौकरियों में आरक्षण कोटा पूरा करने, निःशुल्क आवास, आयुष्मान कार्ड, अंत्योदय कार्ड समेत अन्य मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन एक माह से अधिक समय बीतने के बाद भी किसी मांग पर कार्रवाई नहीं हुई।
दिव्यांग महागठबंधन के महासचिव वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि “अब तक शासन और निदेशालय के अधिकारियों के साथ आधा दर्जन बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ हासिल नहीं हुआ। शिक्षित बेरोजगार दिव्यांग आत्महत्या कर रहे हैं और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।”
उन्होंने कहा कि महागठबंधन हमेशा वार्ता से समाधान चाहता है लेकिन मुख्यमंत्री और अधिकारी मिलने का समय नहीं दे रहे हैं, जिससे संगठन आंदोलन के लिए विवश हुआ है।
बैठक में महासचिव वीरेन्द्र कुमार, अध्यक्ष मनीष प्रसाद, कोषाध्यक्ष जितेंद्र वर्मा, अमन सक्सेना (शाहजहांपुर), धर्मेंद्र यादव (अमरोहा), अजीत कुमार (लखनऊ), मुकेश कुमार भारती (महोबा), पंकज त्रिपाठी (बांदा), तेज बहादुर (देवरिया), रामनिहाल (गोंडा), डी.के. आजाद (हरदोई), राम गोपाल गुप्ता, मुन्नू शुक्ला (बस्ती) सहित पचास से अधिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल रहे।