छावनी परिषद पर स्वागत बैनर हटाने का आरोप, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
कानपुर। भाजपा अनुसूचित मोर्चा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष एवं मिश्रिख से सांसद अशोक रावत के प्रथम कानपुर आगमन से पहले लगाए गए स्वागत होर्डिंग और बैनर हटाए जाने को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा अनुसूचित मोर्चा के पदाधिकारियों ने छावनी परिषद प्रशासन पर बिना सूचना होर्डिंग हटाने का आरोप लगाते हुए इसे कार्यकर्ताओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कदम बताया है।
मोर्चा के पदाधिकारियों का कहना है कि कार्यकर्ताओं ने अपने स्तर पर देर रात स्वागत की तैयारियां करते हुए विभिन्न स्थानों पर होर्डिंग और बैनर लगाए थे। आरोप है कि शुक्रवार सुबह छावनी परिषद की टीम ने इन्हें हटवा दिया। इससे कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई और उन्होंने प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया।
अनुसूचित मोर्चा कानपुर दक्षिण के जिलाध्यक्ष नरेश कटारिया, विधायक राहुल बच्चा सोनकर, सांसद अशोक रावत और जिला महामंत्री ईशु दयाल सहित अन्य नेताओं ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि इससे अनुसूचित समाज और उसके जनप्रतिनिधियों का अपमान हुआ है। उन्होंने मामले की जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मोर्चा ने प्रदेश नेतृत्व और शासन से हस्तक्षेप की अपील करते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं के सम्मान और भावनाओं का ध्यान रखा जाना चाहिए।
छावनी परिषद पर लगाए गए आरोप भाजपा अनुसूचित मोर्चा की ओर से किए गए हैं। समाचार लिखे जाने तक परिषद की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई थी।