स्वागत कार्यक्रम और विरोध प्रदर्शन के दौरान हंगामा, धक्का-मुक्की में दरोगा का बिल्ला टूटा
कानपुर। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के राम मंदिर चढ़ावा चोरी संबंधी बयान को लेकर शुक्रवार को रामादेवी चौराहे पर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। दोनों दलों के बीच नारेबाजी, धक्का-मुक्की और हंगामे से कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा।
भाजपा पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल के स्वागत कार्यक्रम के लिए बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता रामादेवी चौराहे पर मौजूद थे। वहीं कांग्रेस कार्यकर्ता विधानसभा अध्यक्ष के बयान के विरोध में प्रदर्शन करने पहुंचे। कांग्रेस का कहना है कि उनका प्रदर्शन भाजपा के कार्यक्रम के लगभग दो घंटे बाद प्रस्तावित था।
मौके पर दोनों पक्षों के आमने-सामने आने के बाद नारेबाजी तेज हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ भाजपा कार्यकर्ता प्लास्टिक के डंडे लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर बढ़े, जिसके बाद धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इस दौरान कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मामूली चोटें आने की भी चर्चा रही।
हंगामे के बीच पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग करने का प्रयास किया। इसी दौरान उपनिरीक्षक गौरव शातमा की वर्दी का बिल्ला टूटकर गिर गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि उनके विरोध प्रदर्शन के पोस्टर छीनकर फाड़ दिए गए और जला दिए गए। दूसरी ओर भाजपा कार्यकर्ता काफी देर तक फ्लाईओवर के नीचे नारेबाजी करते रहे।
घटना के चलते रामादेवी चौराहे पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा और वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस ने दोनों पक्षों को हटाकर स्थिति सामान्य कराई। बाद में दुकानदार आशीष प्रताप सिंह और कांग्रेस नेता धर्मराज चौहान को हिरासत में लेकर थाने ले जाया गया। इसी दौरान दोबारा धक्का-मुक्की हुई, जिसमें एक भाजपा कार्यकर्ता सड़क पर गिर गया।
पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। वहीं भाजपा और कांग्रेस, दोनों ने एक-दूसरे पर हंगामे के लिए जिम्मेदार होने के आरोप लगाए हैं।