कानपुर। रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा और गुमशुदा लोगों को उनके परिजनों से मिलाने के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत जीआरपी कानपुर सेंट्रल ने एक सराहनीय कार्य करते हुए महज आधे घंटे के भीतर गुम हुए 14 वर्षीय बालक को सकुशल बरामद कर उसके पिता से मिला दिया। जीआरपी की त्वरित कार्रवाई और सतर्कता की इस मानवीय पहल की परिजनों ने जमकर सराहना की।
रेलवे पुलिस महानिदेशक प्रकाश डी. के निर्देशों के क्रम में, पुलिस महानिरीक्षक रेलवे प्रयागराज एन.ओ. कोलांची के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक रेलवे अनुभाग प्रयागराज प्रशांत वर्मा की सतत मॉनिटरिंग में प्रदेशभर में ‘ऑपरेशन मुस्कान’ अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत पुलिस उपाधीक्षक रेलवे कानपुर शेषमणि उपाध्याय के निकट पर्यवेक्षण और प्रभारी निरीक्षक जीआरपी कानपुर सेंट्रल ओम नारायण सिंह के नेतृत्व में यह सफलता हासिल की गई।
मंगलवार को जयपुर के अम्बेडकर नगर (इमली वाला फाटक) निवासी जगदीश प्रसाद वर्मा थाना जीआरपी कानपुर सेंट्रल पहुंचे और सूचना दी कि उनका 14 वर्षीय पुत्र राज वर्मा (काल्पनिक नाम) कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया, टिकट घर अथवा यात्री प्रतीक्षालय के आसपास कहीं लापता हो गया है। पिता ने बताया कि उन्होंने अपने स्तर पर काफी तलाश की, लेकिन बेटे का कोई पता नहीं चल सका।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी निरीक्षक ओम नारायण सिंह ने तत्काल खोज अभियान शुरू कराया। उपनिरीक्षक विनोद कुमार यादव, उपनिरीक्षक संदीप कुमार तिवारी, क्यूआरटी टीम और प्लेटफॉर्म पर तैनात पुलिसकर्मियों को सक्रिय किया गया। साथ ही आरपीएफ कंट्रोल रूम में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और बालक के हुलिए व पहनावे के आधार पर स्टेशन परिसर के विभिन्न प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय और अन्य स्थानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया गया।
जीआरपी टीम की सतर्कता और तेज कार्रवाई का परिणाम यह रहा कि सूचना मिलने के लगभग आधे घंटे के भीतर बालक को प्लेटफॉर्म संख्या 4/5 से सकुशल बरामद कर लिया गया। इसके बाद उसे सुरक्षित थाना लाया गया, जहां आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसके पिता के सुपुर्द कर दिया गया।
अपने बिछड़े बेटे को सकुशल वापस पाकर पिता जगदीश प्रसाद वर्मा भावुक हो गए। उन्होंने जीआरपी कानपुर सेंट्रल की त्वरित, संवेदनशील और मानवीय कार्यशैली की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए पूरी पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया। जीआरपी की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सजग पुलिसिंग और त्वरित निर्णय से बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान कम समय में संभव है।
आधे घंटे में बिछड़ा बेटा मिला, जीआरपी की मुस्तैदी रंग लाई