हाईटेक होगी पुलिसिंग, हर केस पर रहेगी डिजिटल नजर

कानपुर। कानून व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में कानपुर जोन पुलिस ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) कानपुर जोन अनुपम कुलश्रेष्ठ ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कानपुर जोन के सभी जिलों के पुलिस कप्तानों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य पुलिस कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए डिजिटल तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देना रहा।
बैठक में जनपद ललितपुर पुलिस द्वारा विकसित किए गए “ललितपुर मॉनिटरिंग डैशबोर्ड” की कार्यप्रणाली का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया। एडीजी अनुपम कुलश्रेष्ठ ने पोर्टल के विभिन्न फीचर्स का बारीकी से अवलोकन करते हुए इसे पुलिसिंग के लिए उपयोगी और प्रभावी पहल बताया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस प्रकार की तकनीकी व्यवस्था का अधिकतम उपयोग कर पुलिस कार्यों में पारदर्शिता और गति लाई जाए।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि मॉनिटरिंग डैशबोर्ड के माध्यम से दर्ज मुकदमों और लंबित मामलों की डिजिटल निगरानी की जा सकेगी, जिससे तय समय सीमा के भीतर उनके निस्तारण को सुनिश्चित करना आसान होगा। इसके अलावा थानों में दर्ज होने वाली एफआईआर की स्थिति, प्रारंभिक कार्रवाई और विवेचना की प्रगति पर वरिष्ठ अधिकारी सीधे नजर रख सकेंगे। इससे जांच प्रक्रिया की गुणवत्ता बेहतर होगी और किसी भी स्तर पर होने वाली लापरवाही या अनावश्यक देरी पर तुरंत कार्रवाई संभव हो सकेगी।
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम लागू होने से पुलिस कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी और आम जनता का विश्वास पुलिस व्यवस्था में और मजबूत होगा। आधुनिक तकनीक के माध्यम से अधिकारियों को रियल टाइम मॉनिटरिंग की सुविधा मिलेगी, जिससे कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराध नियंत्रण में भी प्रभावी मदद मिलेगी।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में झांसी परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक आकाश कुलहरि तथा कानपुर परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक यमुना प्रसाद सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। अधिकारियों ने अपने-अपने परिक्षेत्र में इस डैशबोर्ड को लागू करने की संभावनाओं और उपयोगिता पर विचार साझा किए।
बैठक के अंत में एडीजी अनुपम कुलश्रेष्ठ ने सभी जिला पुलिस कप्तानों को निर्देशित किया कि पुलिसिंग में आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि पीड़ितों को समयबद्ध न्याय मिल सके, विवेचनाओं में तेजी आए और अपराधियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई को और अधिक प्रभावी ढंग से अंजाम दिया जा सके। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित पुलिसिंग ही भविष्य की आवश्यकता है और इससे पुलिस व्यवस्था अधिक जवाबदेह, पारदर्शी एवं जनहितैषी बनेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

नमस्कार,J news India में आपका हार्दिक अभिनंदन हैं, यहां आपकों 24×7 के तर्ज पर पल-पल की अपडेट खबरों की जानकारी से रूबरू कराया जाएगा,खबर और विज्ञापन के लिए संपर्क करें- +91 9044953076,हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें साथ ही फेसबुक पेज को लाइक अवश्य करें।धन्यवाद