सुरक्षा मानकों से समझौता नहीं, 22 अन्य संस्थान भी जांच के दायरे में : केडीए वीसी अंकुर कौशिक
कानपुर। लखनऊ में कोचिंग संस्थान में हुए भीषण अग्निकांड के बाद कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने शहर में संचालित कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ व्यापक जांच एवं कार्रवाई अभियान शुरू कर दिया है। विद्यार्थियों और आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए केडीए ने मंगलवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों में 16 कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील कर दिया।
केडीए उपाध्यक्ष अंकुर कौशिक ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि विद्यार्थियों और आम लोगों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। जिन संस्थानों में भवन उपविधियों, अग्नि सुरक्षा मानकों अथवा अन्य आवश्यक नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, उनके खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
केडीए द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार जोन-1 में तीन, जोन-2 में पांच, जोन-3 में तीन तथा जोन-4 में पांच प्रतिष्ठानों के खिलाफ सीलबंदी की कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई उन संस्थानों पर की गई जहां सुरक्षा संबंधी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था अथवा निर्माण संबंधी नियमों का उल्लंघन पाया गया।
उपाध्यक्ष अंकुर कौशिक ने बताया कि लखनऊ की दुखद घटना के बाद पूरे शहर में संचालित कोचिंग संस्थानों, हॉस्टलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का सत्यापन कराया जा रहा है। इस दौरान भवन मानचित्र, अग्निशमन व्यवस्था, आपातकालीन निकास, पार्किंग व्यवस्था तथा अन्य सुरक्षा मानकों की गहन जांच की जा रही है। जिन प्रतिष्ठानों में गंभीर अनियमितताएं पाई जाएंगी, उनके खिलाफ नोटिस, सीलबंदी अथवा अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में 22 अन्य संस्थानों को भी चिन्हित किया गया है। इन संस्थानों की जांच प्रक्रिया जारी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। केडीए का उद्देश्य केवल दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि शहर में संचालित सभी संस्थानों को सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक करना और नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराना भी है।
अंकुर कौशिक ने कहा कि शहर में बड़ी संख्या में छात्र कोचिंग संस्थानों में अध्ययन करते हैं। ऐसे में यह आवश्यक है कि प्रत्येक संस्थान अग्नि सुरक्षा उपकरणों, आपातकालीन निकास मार्गों और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं से सुसज्जित हो। किसी भी प्रकार की लापरवाही भविष्य में बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए सुरक्षा मानकों का पालन हर हाल में सुनिश्चित कराया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि चिन्हीकरण, निरीक्षण, जांच और सीलबंदी की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। नियमों की अनदेखी करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर और अधिक कठोर कदम उठाए जाएंगे।
गौरतलब है कि लखनऊ में हाल ही में हुए दर्दनाक अग्निकांड में कई लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद प्रदेशभर में कोचिंग संस्थानों, हॉस्टलों और व्यावसायिक भवनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। कानपुर में भी अब अवैध निर्माण, बेसमेंट संचालन और अग्नि सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों पर शिकंजा कसने की तैयारी तेज कर दी गई है।