कृषि विज्ञान केंद्र के प्रशिक्षण में स्वरोजगार, पशुपालन और खरीफ सब्जियों की खेती पर जोर
कानपुर। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अधीन संचालित दिलीपनगर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा विकासखंड मैथा के ग्राम औरंगाबाद में सब्जी उत्पादन तकनीक विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में डॉ. अरुण कुमार सिंह ने किसानों को कृषि, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन, मशरूम उत्पादन एवं मधुमक्खी पालन की जानकारी देते हुए कहा कि जलवायु अनुकूल कृषि तकनीकों को अपनाकर किसान उत्पादन बढ़ाने के साथ स्वरोजगार के अवसर भी सृजित कर सकते हैं। उन्होंने खरीफ मौसम में भिंडी, मिर्च, लौकी, तरोई, लोबिया, धनिया और सहजन की खेती से अतिरिक्त आय प्राप्त करने की जानकारी दी।
प्रसार वैज्ञानिक डॉ. राजेश राय ने हरा चारा उत्पादन के लिए लोबिया और बाजरा की खेती पर जोर देते हुए सब्जियों में रोग व कीट नियंत्रण के लिए नीम तेल 10 मिली प्रति लीटर पानी की दर से 10 दिन के अंतराल पर छिड़काव की सलाह दी। उन्होंने भिंडी, लोबिया, तरोई, लौकी, कद्दू, करेला सहित खरीफ दलहनी फसल मूंग और उड़द की उन्नत खेती तकनीकों की जानकारी भी दी। प्रशिक्षण में प्रगतिशील किसान चरण सिंह यादव, अशोक राजपूत, सिपाहीलाल और महासिंह समेत कई किसानों ने भाग लिया।