परिजनों ने पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप, सीसीटीवी में कैद हुई पूरी वारदात
कानपुर। महानगर के गुजैनी थाना क्षेत्र अंतर्गत रविदास पुरम इलाके में नाबालिग बहनों से कथित छेड़खानी के विरोध को लेकर दो पक्षों के बीच ऐसा विवाद भड़क गया, जिसने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। देर रात तक चले इस बवाल में दोनों पक्षों के बीच जमकर ईंट-पत्थर चले, जिससे पूरे इलाके में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना के दौरान कई घरों और वाहनों को नुकसान पहुंचा, जबकि स्थानीय लोग अपनी सुरक्षा के लिए घरों में दुबकने को मजबूर हो गए। पूरी घटना इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिसका वीडियो अब तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत क्षेत्र की रहने वाली दो नाबालिग बहनों के साथ हुई कथित छेड़छाड़ की घटना से हुई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि इलाके के कुछ दबंग युवकों ने बच्चियों के साथ सरेराह अभद्रता और छेड़खानी की। जब परिजनों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने आरोपी युवकों का विरोध किया और शिकायत लेकर उनके पास पहुंचे। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर आरोपी पक्ष आक्रामक हो गया और कुछ ही देर में अपने अन्य साथियों को मौके पर बुला लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले दोनों पक्षों में कहासुनी हुई, लेकिन जल्द ही मामला हाथापाई तक पहुंच गया। देखते ही देखते दर्जनों लोग सड़क पर उतर आए और दोनों ओर से पत्थरबाजी शुरू हो गई। देर रात तक चले इस संघर्ष में पूरे इलाके में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों के दरवाजे बंद कर अंदर छिप गए। कई राहगीर भी बीच सड़क पर फंस गए और इधर-उधर भागते नजर आए।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पथराव इतना तेज था कि कई घरों की खिड़कियों के शीशे टूट गए, जबकि सड़क किनारे खड़े वाहनों को भी नुकसान पहुंचा। इलाके में घंटों तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन तब तक दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे पर जमकर हमला कर चुके थे।
घटना का जो सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, उसमें कई युवक हाथों में लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर लिए खुलेआम उपद्रव करते दिखाई दे रहे हैं। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह सड़क पर अफरा-तफरी मची हुई है और लोग इधर-उधर भाग रहे हैं। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।
इस पूरे मामले में स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि घटना के तुरंत बाद थाने में लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते पुलिस कार्रवाई कर लेती तो इतना बड़ा बवाल नहीं होता। उनका आरोप है कि पुलिस की ढिलाई के कारण आरोपियों के हौसले बुलंद हैं और अब उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं।
पीड़ित परिवार ने यह भी कहा कि अब तक मामले में कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है, जिससे उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद कम होती दिखाई दे रही है। परिवार ने अपनी जान-माल को खतरा बताते हुए पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है।
घटना के बाद रविदास पुरम और आसपास के इलाकों में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों और समाजसेवियों ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है। वहीं स्थानीय लोग दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम रखने की मांग कर रहे हैं।