लोकतंत्र पर हमला बताकर सरकार से मास्टर प्लान बनाने की मांग
कानपुर। लखनऊ में नगर निगम द्वारा वकीलों के चैंबरों पर की गई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर बहुजन नेशनल पार्टी (अंबेडकर) ने उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी ने इस कार्रवाई को अलोकतांत्रिक, अमानवीय और प्रशासनिक निरंकुशता का प्रतीक बताते हुए प्रभावित अधिवक्ताओं के पुनर्वास की मांग की है। साथ ही प्रदेशभर के अधिवक्ताओं और कर्मचारियों के लिए स्थायी “मास्टर प्लान” तैयार करने की बात कही है।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व राज्यसभा सांसद प्रमोद कुरील ने बयान जारी करते हुए कहा कि 17 मई को लखनऊ में नगर निगम द्वारा करीब 250 वकीलों के चैंबरों को अतिक्रमण बताकर बुलडोजर से गिरा दिया गया, जो बेहद शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई केवल चैंबरों पर नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम का रवैया पूरी तरह मनमाना और भेदभावपूर्ण दिखाई दे रहा है।
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व उत्तर प्रदेश प्रभारी डॉ. सबीहूद्दीन अक्मल तथा अधिवक्ता विंग के अध्यक्ष एडवोकेट सोने लाल गौतम ने संयुक्त रूप से सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि वकालत का पेशा आम जनता को न्याय दिलाने वाली संवैधानिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में न्यायालय परिसरों के आसपास अधिवक्ताओं के लिए व्यवस्थित चैंबर और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि सरकार वकालत से जुड़े स्टैंप शुल्क और अन्य करों के माध्यम से हर वर्ष करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त करती है, लेकिन इसके बावजूद अधिवक्ताओं और वादियों के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जातीं। उनका कहना था कि प्रदेश के कई जिला न्यायालयों और उच्च न्यायालयों में वकीलों के बैठने की स्थिति बेहद खराब है और जगह की कमी के कारण हालात “मछली बाजार” जैसे हो चुके हैं।
बहुजन नेशनल पार्टी (अंबेडकर) ने आरोप लगाया कि सरकार विकास और कानून व्यवस्था के नाम पर बुलडोजर राजनीति कर रही है, जबकि वास्तविक जरूरत बुनियादी ढांचे के विकास और व्यवस्थित योजना की है। पार्टी नेताओं ने मांग की कि सरकार तत्काल प्रभावित अधिवक्ताओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करे और प्रदेशभर में अधिवक्ताओं व कर्मचारियों के लिए एक स्थायी मास्टर प्लान तैयार करे। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया, तो बहुजन नेशनल पार्टी सड़क से सदन तक बड़ा आंदोलन करेगी। पार्टी नेताओं ने कहा कि जरूरत पड़ने पर विधानसभा घेराव किया जाएगा और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर सरकार की कार्यप्रणाली के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जाएगा।