रफाका नाले के स्थायी समाधान की मांग तेज, विधायक सुरेंद्र मैथानी ने नगर विकास मंत्री को सौंपा ज्ञापन
गोविंद नगर के खुले नाले को अंडरग्राउंड कर ऊपर सड़क निर्माण की उठी मांग, जहरीली गैसों और हादसों से राहत मिलने की उम्मीद
कानपुर। दक्षिण कानपुर की सबसे पुरानी और गंभीर जनसमस्याओं में शामिल रफाका नाले के स्थायी समाधान को लेकर एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। गोविंद नगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक Surendra Maithani ने इस मुद्दे को प्रदेश सरकार के सामने मजबूती से उठाते हुए प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री A. K. Sharma से लखनऊ स्थित कार्यालय में मुलाकात की और विस्तृत ज्ञापन सौंपकर जल्द कार्यवाही की मांग की। विधायक ने रफाका नाले को अंडरग्राउंड करने तथा उसके ऊपर सड़क निर्माण कराए जाने का प्रस्ताव प्रमुखता से रखा।
विधायक मैथानी ने मंत्री को बताया कि रफाका नाला मसवानपुर सराय चौराहा (आवास विकास-3) से शुरू होकर विजय नगर, सीटीआई चौराहा, बर्रा-8 और तात्या टोपे नगर होते हुए पांडु नदी तक पहुंचता है। यह नाला दक्षिण कानपुर की जल निकासी व्यवस्था का सबसे बड़ा माध्यम माना जाता है, लेकिन वर्षों से इसकी बदहाल स्थिति स्थानीय लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनी हुई है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से मसवानपुर से विजय नगर और सीटीआई चौराहे से एनएच-2 बाईपास तक खुले नाले की स्थिति बेहद खतरनाक और भयावह हो चुकी है।
ज्ञापन में विधायक ने उल्लेख किया कि खुले नाले से लगातार उठने वाली दुर्गंध और जहरीली गैसों के कारण आसपास रहने वाले लाखों लोग प्रभावित हो रहे हैं। क्षेत्र में श्वसन संबंधी बीमारियां, एलर्जी और संक्रामक रोग तेजी से फैल रहे हैं। स्थानीय निवासियों को रोजाना बदबू और गंदगी के बीच जीवन यापन करना पड़ रहा है। इसके अलावा बरसात के दिनों में स्थिति और अधिक खराब हो जाती है, जब नाले का पानी सड़क तक पहुंच जाता है।
विधायक ने यह भी कहा कि खुले नाले के कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं। कई बार बच्चे, बुजुर्ग, राहगीर और मवेशी नाले में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। रात के समय और बारिश के मौसम में दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि यह समस्या अब केवल सफाई या जल निकासी तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह जनस्वास्थ्य और जनसुरक्षा से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुकी है।
सुरेंद्र मैथानी ने मंत्री को सुझाव दिया कि जिस प्रकार कानपुर में पूर्व में बर्रा विश्व बैंक क्षेत्र और सीओडी क्रॉसिंग के बड़े नालों को ढककर अंडरग्राउंड किया गया तथा उनके ऊपर सड़क निर्माण कराया गया, उसी मॉडल को रफाका नाले पर भी लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसा होने से क्षेत्रवासियों को जहरीली गैसों और गंदगी से राहत मिलेगी, हादसों पर रोक लगेगी और ऊपर सड़क बनने से यातायात व्यवस्था भी बेहतर होगी। इससे दक्षिण कानपुर के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने विधायक द्वारा उठाए गए मुद्दे को गंभीर बताते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रस्ताव का तकनीकी परीक्षण करने और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने का आश्वासन दिया। मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराने और जनसुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों पर प्राथमिकता के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।