कानपुर-नगर निगम के निजीकरण और आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों को निजी कंपनियों के हाथों सौंपने के विरोध में गुरुवार को मोतीझील मुख्यालय पर कर्मचारियों ने विशाल धरना-प्रदर्शन किया दोपहर 2 बजे से शुरू हुए इस आंदोलन में सैकड़ों की संख्या में कर्मचारियों ने भाग लिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो 14 मई से शहर की सफाई व्यवस्था ठप कर दी जाएगी मंच से कर्मचारी नेताओं ने नगर निगम प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री ने ‘आउटसोर्स सेवा निगम’ का गठन कर कर्मचारियों को सीधे लाभ देने के आदेश दिए हैं, वहीं दूसरी ओर कानपुर नगर निगम प्रशासन 5000 आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों को निजी कंपनी (निविदा) के हवाले करने की तैयारी में है कर्मचारियों का आरोप है कि नगर निगम प्रशासन मुख्यमंत्री के मंशा के विपरीत कार्य कर रहा है संघर्ष समिति के नेताओं ने कहा कि उन्होंने लिखित पत्र देकर नगर आयुक्त से वार्ता का समय मांगा था, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक उन्हें चर्चा के लिए आमंत्रित नहीं किया गया प्रशासन के इस अड़ियल रवैये से कर्मचारियों में भारी आक्रोश है नेताओं ने आगाह किया कि प्रशासन की इस जिद का असर आगामी विधानसभा चुनाव पर भी पड़ सकता है बैठक में कर्मचारियों ने हाथ उठाकर सर्वसम्मति से आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया कर्मचारी नेता जल्द ही शहर के सभी माननीय जनप्रतिनिधियों से मिलकर हस्तक्षेप की मांग करेंगे 11 मई से 13 मई तक सभी कर्मचारी बांह पर काला फीता बांधकर विरोध दर्ज कराएंगे यदि समाधान नहीं निकला, तो 14 मई 2026 को होने वाली आमसभा के दिन से ही पूर्ण कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया जाएगा सभा में मुख्य रूप से जयपाल सिंह, रमाकांत मिश्र, हरिओम वाल्मीकि, विनोद रावत, धीरज गुप्ता, कमरुद्दीन, अजीत बाघमार, मुन्ना हजारिया, उस्मान अली शाह, मुकेश वाल्मीकि, पिंटू चौधरी, अखिलेश सिंह, बृजलाल भारती, मुन्ना गंगोत्री, सुधाकर मिश्रा, नीलू निगम, मुन्ना पहलवान, नरेंद्र खन्ना, रामगोपाल चौधरी, धर्मेंद्र, रमेश अंबेडकर, रामगोपाल समुद्र और पवन कौशल सहित भारी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
नगर निगम के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों का हल्लाबोल, 14 मई से कार्य बहिष्कार की चेतावनी