कानपुर। उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल के रेल प्रबंधक (डीआरएम) रजनीश अग्रवाल ने गुरुवार को कानपुर सेंट्रल स्टेशन का सघन निरीक्षण कर ‘अमृत भारत योजना’ के अंतर्गत चल रहे पुनर्विकास कार्यों की हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान कार्यों की धीमी प्रगति और कई स्थानों पर पाई गई खामियों को लेकर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों में लापरवाही या अनावश्यक देरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीआरएम रजनीश अग्रवाल अपने विशेष सैलून से ट्रैक निरीक्षण करते हुए कानपुर सेंट्रल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने रेल पटरियों की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों, फिश प्लेट्स तथा ट्रैक के रख-रखाव का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने तकनीकी टीम को निर्देशित किया कि आगामी मानसून से पहले सभी सुरक्षा संबंधी जांच और आवश्यक मरम्मत कार्य हर हाल में पूर्ण कर लिए जाएं, ताकि ट्रेन संचालन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
स्टेशन परिसर में निर्माणाधीन परियोजनाओं, नवनिर्मित प्रतीक्षालयों, प्लेटफार्मों की व्यवस्था और यात्री सुविधाओं का जायजा लेते हुए डीआरएम ने कई स्थानों पर कार्य की गति संतोषजनक न पाए जाने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने संबंधित इंजीनियरों और ठेकेदारों को दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि ‘अमृत भारत योजना’ प्रधानमंत्री की प्राथमिकता वाली योजना है, जिसका उद्देश्य यात्रियों को आधुनिक और विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है। यदि निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण नहीं हुए, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
निरीक्षण के पश्चात डीआरएम ने विभागीय अधिकारियों और इंजीनियरों के साथ समीक्षा बैठक भी की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए, प्लेटफार्म और प्रतीक्षालयों में साफ-सफाई के मानकों को और बेहतर बनाया जाए तथा निर्माण कार्यों के दौरान यात्रियों को होने वाली असुविधा को न्यूनतम रखा जाए। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए।
कानपुर सेंट्रल का निरीक्षण पूर्ण करने के बाद डीआरएम रजनीश अग्रवाल का काफिला अनवरगंज, गोविंदपुरी, पनकी धाम और भीमसेन स्टेशनों की ओर रवाना हुआ, जहां उन्होंने ‘अमृत भारत योजना’ के तहत चल रहे सुंदरीकरण एवं विकास कार्यों की प्रगति का निरीक्षण किया।
माना जा रहा है कि डीआरएम के इस औचक निरीक्षण के बाद लंबित रेलवे परियोजनाओं में तेजी आएगी और अधिकारियों की जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा।
कायाकल्प कार्यों में देरी पर डीआरएम सख्त