कानपुर। जनपद न्यायाधीश अनमोल पाल द्वारा जनपद के विभिन्न बाल संरक्षण गृहों का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान उनके साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कानपुर नगर की सचिव सुदेश कुमारी, अपर जिलाधिकारी (नगर) डॉ. राजेश कुमार एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास सिंह भी उपस्थित रहे। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य संस्थानों में रह रहे बच्चों एवं महिलाओं की शिक्षा, देखभाल और समुचित व्यवस्थाओं का आकलन करना था।
निरीक्षण के दौरान सर्वप्रथम राजकीय बाल गृह (बालिका), स्वरूप नगर का भ्रमण किया गया। यहां उपस्थित बालिकाओं एवं महिलाओं से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। जनपद न्यायाधीश ने निर्देश दिया कि प्राप्त शिकायतों का त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। इस संबंध में जिला प्रोबेशन अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
इसके उपरांत राजकीय बाल गृह (बालिका) यूनिट-2, नवाबगंज का निरीक्षण किया गया। यहां बालिकाओं से उनकी दिनचर्या, शिक्षा एवं अन्य आवश्यकताओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। निरीक्षण के दौरान कुछ व्यवस्थाएं संतोषजनक नहीं पाई गईं, जिस पर संबंधित अधीक्षक को व्यवस्थाओं में सुधार लाने तथा संस्थान को सुव्यवस्थित रखने हेतु कड़े निर्देश दिए गए।
तत्पश्चात टीम द्वारा राजकीय बाल गृह (बालक), कल्याणपुर का निरीक्षण किया गया। यहां बच्चों से उनकी पढ़ाई, रुचियों एवं खेलकूद गतिविधियों के बारे में जानकारी ली गई। जिन बच्चों के पास अध्ययन सामग्री का अभाव पाया गया, उनके लिए आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने हेतु जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देशित किया गया। साथ ही संस्थान में पाई गई अव्यवस्थाओं को तत्काल दूर करने के निर्देश अधीक्षक को दिए गए।
जनपद न्यायाधीश अनमोल पाल ने निर्देशित किया कि सभी बाल संरक्षण गृहों में बच्चों एवं महिलाओं को सुरक्षित, स्वच्छ एवं अनुशासित वातावरण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों के समग्र विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य सुविधाएं एवं मानसिक परामर्श की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी बच्चों का शीघ्र विद्यालय में प्रवेश कराया जाए और शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की सतत निगरानी बनाए रखने पर बल दिया गया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बच्चों के साथ संवेदनशील एवं मानवीय व्यवहार किया जाए तथा उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए, जिससे उनके भविष्य का समुचित निर्माण हो सके।
जिला प्रशासन द्वारा आश्वस्त किया गया कि जनपद न्यायाधीश द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का पालन करते हुए संस्थानों की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जाएगा।
जनपद न्यायाधीश ने बाल संरक्षण गृहों का किया औचक निरीक्षण, सुधार के निर्देश