कानपुर में चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर आस्था का अद्भुत दृश्य उस समय देखने को मिला, जब महानगर के प्रसिद्ध सिद्धपीठ जंगली देवी मंदिर में नवरात्रि की षष्ठी तिथि पर हजारों श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर परिसर भक्ति, श्रद्धा और उत्साह से सराबोर नजर आया, जहाँ ‘जय माता दी’ के जयकारों से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा।
इस विशेष अवसर पर परंपरागत ‘माँ के खजाने’ का वितरण बड़े ही श्रद्धाभाव और विधि-विधान के साथ किया गया। यह आयोजन हर वर्ष की भांति इस बार भी भव्य स्तर पर संपन्न हुआ, जिसमें कानपुर नगर के साथ-साथ आसपास के कई जनपदों से भी भारी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
जंगली देवी ट्रस्ट के महामंत्री पंडित विजय पाण्डेय ने जानकारी देते हुए बताया कि षष्ठी तिथि पर ‘माँ का खजाना’ वितरण की परंपरा वर्षों पुरानी है, जिसे पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ निभाया जाता है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को शाम 4 बजे से खजाना वितरण प्रारंभ हुआ, जो लगातार शाम 7 बजे तक चला।
मंदिर के कपाट खुलने से पहले ही भक्तों की लंबी कतारें लग गई थीं। श्रद्धालु घंटों इंतजार कर माँ के दरबार में पहुंचे और खजाना प्राप्त कर अपने को धन्य महसूस किया। मान्यता है कि जंगली देवी मंदिर से मिलने वाला यह ‘खजाना’ घर में सुख-शांति, समृद्धि और बरकत लाता है। भक्त इसे अपने घर की तिजोरी या पूजा स्थल में सुरक्षित रखते हैं और इसे माँ का आशीर्वाद मानते हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए ट्रस्ट द्वारा व्यापक व्यवस्थाएं की गई थीं। महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग कतारें बनाई गईं, जिससे वितरण प्रक्रिया सुचारू रूप से चलती रही। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय पुलिस और मंदिर के स्वयंसेवकों ने मोर्चा संभाले रखा, जिससे कहीं भी अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई।
शाम ढलते-ढलते मंदिर की भव्यता और भी बढ़ गई। दीपों की जगमगाहट, धूप-अगरबत्ती की सुगंध और भक्तों की आस्था ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने बताया कि वे हर वर्ष षष्ठी के दिन यहाँ आकर ‘माँ का खजाना’ प्राप्त करते हैं और इसे अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं।
भक्तों का दृढ़ विश्वास है कि माँ जंगली देवी के दरबार से कोई भी खाली हाथ नहीं लौटता। यहाँ से मिला खजाना पूरे वर्ष परिवार की रक्षा करता है और जीवन में उन्नति के मार्ग खोलता है।
इस आयोजन को सफल बनाने में जंगली देवी ट्रस्ट के पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। ट्रस्ट की अध्यक्षा माया वर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कृष्ण स्वरूप मिश्रा, उपाध्यक्ष अशोक बाजपेयी, महामंत्री ज्ञान प्रकाश पाण्डेय, कोषाध्यक्ष पंडित विजय पाण्डेय, प्रबंधक मनोज कपूर, मंत्री रमेश कुमार तिवारी, प्रचार मंत्री कैलाश पाल और उपमंत्री राघवेन्द्र वर्मा सहित अन्य सदस्यों ने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपनी सेवाएं दीं।
नवरात्रि के इस पावन अवसर पर जंगली देवी मंदिर में उमड़ा यह आस्था का सैलाब एक बार फिर यह साबित कर गया कि भक्तों के हृदय में माँ के प्रति अटूट विश्वास और श्रद्धा आज भी उतनी ही प्रगाढ़ है, जितनी वर्षों पहले थी।
जंगली देवी मंदिर में उमड़ा जनसैलाब, ‘माँ का खजाना’ वितरित