कानपुर में शहादत दिवस के अवसर पर देश के अमर क्रांतिकारी Bhagat Singh, Shivaram Rajguru और Sukhdev Thapar को याद करते हुए जहां एक ओर पूरे शहर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए, वहीं दूसरी ओर लाटूश रोड स्थित भगत सिंह मार्केट में स्थापित शहीद-ए-आजम की प्रतिमा की बदहाल स्थिति को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला।
सोमवार को नगर अध्यक्ष अनुज शुक्ला के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता प्रतिमा स्थल पर पहुंचे। यहां पहुंचते ही उन्होंने देखा कि प्रतिमा के चारों ओर गंदगी का अंबार लगा हुआ है, फाउंडेशन की टाइलें उखड़ी पड़ी हैं, आसपास सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है और सुरक्षा के लिए लगाई गई जालियां भी टूटी हुई हैं। इस स्थिति को देखकर कार्यकर्ताओं का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने तत्काल मौके पर ही सफाई अभियान शुरू कर दिया।
कार्यकर्ताओं ने खुद झाड़ू लगाकर, पानी डालकर प्रतिमा स्थल की धुलाई की और पूरे परिसर को साफ-सुथरा किया। इसके बाद सभी ने मिलकर प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान “इंकलाब जिंदाबाद” और “शहीदों का अपमान नहीं सहेंगे” जैसे गगनभेदी नारे लगाए गए, जिससे पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
नगर महासचिव नरेश अग्रवाल ने प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कानपुर जैसे बड़े महानगर में शहीद-ए-आजम की यह एकमात्र प्रमुख प्रतिमा है, लेकिन इसके रखरखाव के प्रति नगर निगम पूरी तरह उदासीन बना हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रतिमा के चारों ओर फैली गंदगी और जर्जर हालत यह दर्शाती है कि जिम्मेदार विभाग अपनी जिम्मेदारियों से पूरी तरह मुंह मोड़ चुके हैं। उन्होंने आगे कहा कि पार्कों और प्रतिमा स्थलों के रखरखाव की जिम्मेदारी नगर निगम और उद्यान विभाग की होती है, लेकिन यहां स्थिति यह है कि प्रशासन “कान में तेल डालकर” सो रहा है। शहीदों के जन्मदिवस और शहादत दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर भी न तो रंगाई-पुताई की जाती है और न ही साफ-सफाई का ध्यान रखा जाता है, जो सीधे-सीधे देश के महान क्रांतिकारियों का अपमान है।
इस मौके पर आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व पार्षद मदन लाल भाटिया ने भी अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जिन वीर सपूतों ने देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते अपने प्राण न्योछावर कर दिए, आज उनकी प्रतिमाएं उपेक्षा का शिकार हैं। यह न केवल प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है, बल्कि समाज के प्रति हमारी संवेदनहीनता को भी उजागर करता है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही प्रतिमा स्थल का कायाकल्प नहीं किया गया, उसकी मरम्मत और सुंदरीकरण का कार्य शुरू नहीं हुआ, तो आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों और विभागों की होगी।
कार्यक्रम के दौरान प्रदेश प्रवक्ता संजीव निगम, संगठन महासचिव योगेश दीक्षित, माइनॉरिटी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष मोहम्मद साजिद, उपाध्यक्ष नफीस अहमद, कोषाध्यक्ष वसीमुद्दीन सहित देवेश शुक्ला, राजेश शर्मा, फैजान लारी, मोहम्मद हारुन, मोहम्मद रियाज और मोहम्मद असलम मंसूरी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में प्रशासन से मांग की कि शहीदों की प्रतिमाओं का सम्मान बनाए रखने के लिए नियमित साफ-सफाई और रखरखाव की समुचित व्यवस्था की जाए।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर नगर निगम और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहरवासियों का भी कहना है कि शहीदों की याद में स्थापित ऐसे स्थलों की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस चेतावनी के बाद कितनी जल्दी हरकत में आता है और प्रतिमा स्थल की बदहाल स्थिति को सुधारने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
भगत सिंह प्रतिमा की बदहाली पर AAP का विरोध