कानपुर की कल्याणपुर थाना पुलिस ने एमबीबीएस में दाखिला दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से गिरोह के दो शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो खुद को प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज का अधिकारी बताकर अभिभावकों को अपने जाल में फंसाते थे। मामले का खुलासा उस समय हुआ जब पीड़ित सुनील कुमार ने थाना कल्याणपुर में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति ने उनसे संपर्क कर खुद को कटिहार मेडिकल कॉलेज, बिहार का प्रिंसिपल बताया और उनकी बेटी को एमबीबीएस में दाखिला दिलाने का भरोसा दिया। आरोपी ने अलग-अलग शुल्कों के नाम पर उनसे कुल 5.75 लाख रुपये अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लिए।
काफी समय बीत जाने के बाद भी जब सीट आवंटन नहीं हुआ और आरोपी का फोन बंद आने लगा, तब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर साइबर सेल की मदद से जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और बैंक ट्रांजेक्शन के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की लोकेशन पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में ट्रेस की।
इसके बाद एक विशेष टीम गठित कर सिलीगुड़ी भेजी गई, जहां छापेमारी कर दो आरोपियों—जयंत सरकार (26) और सौरव आइंच (22) को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में दोनों ने कबूल किया कि वे अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर देशभर में इस तरह की ठगी को अंजाम देते थे।
गिरोह के सदस्य खुद को नामी मेडिकल कॉलेजों के प्रिंसिपल या अधिकारी बताकर अभिभावकों से संपर्क करते थे। भरोसा जीतने के लिए वे फर्जी दस्तावेज, ईमेल और कॉल का इस्तेमाल करते थे। इसके बाद एडमिशन फीस, रजिस्ट्रेशन और अन्य चार्ज के नाम पर अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर करवा लेते थे।
पुलिस के अनुसार यह एक संगठित गिरोह है, जिसका नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर कानपुर लाया गया है। गिरोह के अन्य सदस्यों और मास्टरमाइंड की पहचान कर ली गई है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक देशभर में कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और कितनी बड़ी रकम की ठगी की है।
पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी शिक्षण संस्थान में प्रवेश के लिए केवल आधिकारिक प्रक्रिया और अधिकृत काउंसलिंग पर ही भरोसा करें। किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन कॉल या झांसे में आकर पैसे ट्रांसफर न करें, अन्यथा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
MBBS एडमिशन के नाम पर ठगी, दो गिरफ्तार