कानपुर। शहर में अवैध प्लाटिंग और बिना मानचित्र स्वीकृति के विकसित की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए धरमपुर क्षेत्र में करीब 19.5 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के बाद भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया।
केडीए के उपाध्यक्ष मदन सिंह गब्र्याल और सचिव अभय कुमार पाण्डेय के निर्देश पर प्रवर्तन जोन-1बी की टीम ने विशेष कार्याधिकारी/उपजिलाधिकारी डॉ. रवि प्रताप सिंह के नेतृत्व में अभियान चलाया। टीम ने धरमपुर क्षेत्र के विभिन्न आराजी नंबरों (381ग, 384क, 395क, 386क, 395ख, 393, 397ख, 394, 384ग, 286, 284, 407, 405, 392, 391) पर अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनियों को चिन्हित कर तीन जेसीबी मशीनों की मदद से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।
कार्रवाई के दौरान अवैध एंट्री गेट, बाउंड्री वॉल, बिजली के खंभे, पिलर और निर्माणाधीन भवनों को गिरा दिया गया। भविष्य में दोबारा निर्माण या आवागमन रोकने के लिए मुख्य प्रवेश मार्गों पर 3×5 फीट के गहरे गड्ढे भी खुदवाए गए।
कार्रवाई के बाद डॉ. रवि प्रताप सिंह ने कहा कि भू-माफिया भोले-भाले लोगों को झांसा देकर उनकी मेहनत की कमाई ठग रहे हैं। बिना केडीए से मानचित्र स्वीकृत कराए की गई प्लाटिंग पूरी तरह अवैध होती है और ऐसे क्षेत्रों में सड़क, सीवर, पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव रहता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि प्लॉट खरीदने से पहले केडीए से भूमि का ले-आउट और वैधता की जांच अवश्य करें।
केडीए प्रवर्तन दल ने चेतावनी दी है कि शहर में जहां भी अवैध निर्माण या अनाधिकृत प्लाटिंग मिलेगी, वहां सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। आने वाले दिनों में इस अभियान को और व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा। इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली और प्राधिकरण के कदम की सराहना की।