कानपुर। आगामी होली और रमजान के त्योहारों को ध्यान में रखते हुए आमजन को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह के कड़े निर्देशों के अनुपालन में शुक्रवार को जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा विशेष छापेमारी अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान टीम ने लगभग ₹5.14 लाख मूल्य की संदिग्ध खाद्य सामग्री सीज की तथा कुल 09 नमूने जांच के लिए संग्रहित किए। सबसे बड़ी कार्रवाई फजलगंज स्थित शबबरवाल कोल्ड स्टोरेज में हुई, जहां भारी मात्रा में भंडारित 2357 किलोग्राम (लगभग 23 क्विंटल) संदिग्ध खोया पाया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मौके से खोये के 04 नमूने लेकर पूरे भंडारित माल को सीज कर दिया। सीज किए गए खोये की अनुमानित कीमत ₹4,47,050 आंकी गई है।
इसके अलावा पनकी क्षेत्र में छापेमारी कर 980 किलोग्राम मिक्स रंगीन कचरी जब्त की गई, जिसकी बाजार कीमत करीब ₹67,200 बताई गई है। वहीं ओमपुरवा क्षेत्र से पनीर और घी के नमूने लिए गए। रावतपुर गांव में पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर का नमूना भरा गया, जबकि घाटमपुर में मिल्क केक संदिग्ध पाए जाने पर उसका नमूना संग्रहित किया गया।
विभाग द्वारा एकत्र किए गए सभी 09 नमूनों को विश्लेषण के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेज दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, जांच रिपोर्ट प्राप्त होते ही खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSA), 2006 के तहत संबंधित व्यापारियों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि त्योहारों के दौरान मिलावटखोरी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की सेहत प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और जनपद में यह सघन अभियान लगातार जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने खाद्य कारोबारियों से मानकों के अनुरूप ही खाद्य सामग्री बेचने और आम जनता से मिलावट की सूचना तत्काल विभाग को देने की अपील की।