कानपुर। गोविंद नगर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड संख्या–20 अंतर्गत गड़रियनपुरवा इलाके के निवासियों के लिए मंगलवार का दिन यादगार बन गया। पिछले 64 वर्षों से उपेक्षित और जर्जर हालत में पड़ी एक महत्वपूर्ण सड़क के निर्माण की औपचारिक शुरुआत हो गई। इस सड़क के निर्माण कार्य का विधिवत भूमि पूजन माननीय महापौर प्रमिला पांडेय एवं क्षेत्रीय विधायक सुरेंद्र मैथानी द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।123/349 ताजिंदर ऑटो पार्ट्स से रखखा सिंह बॉडी मेकर तक जाने वाली इस सड़क का निर्माण आर.एम.सी. (रेडी मिक्स कंक्रीट) तकनीक से किया जाएगा। करीब ₹40 लाख की लागत से बनने वाली यह सड़क मजबूत, टिकाऊ और लंबे समय तक चलने वाली होगी। आर.एम.सी. तकनीक के इस्तेमाल से सड़क में जलभराव, गड्ढों और बार-बार मरम्मत जैसी समस्याओं से स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है।
भूमि पूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक सुरेंद्र मैथानी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण था कि आज़ादी के बाद भी इस क्षेत्र की जनता को दशकों तक जर्जर सड़क पर चलना पड़ा। उन्होंने कहा कि सरकार और नगर निगम का संकल्प है कि विकास की योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। यह सड़क उसी संकल्प का सशक्त उदाहरण है।
वहीं महापौर प्रमिला पांडेय ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य पूरी पारदर्शिता, गुणवत्ता और तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य केवल सड़क बनाना नहीं, बल्कि नागरिकों को सुरक्षित, सुगम और बेहतर आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना है।
सड़क निर्माण की शुरुआत से क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला। स्थानीय निवासियों ने इसे अपनी वर्षों पुरानी मांग की पूर्ति बताते हुए जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि इससे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। प्रमुख रूप से पार्षद नीरज रक्सेल, मंडल अध्यक्ष (लाजपत नगर) अजय राय तथा प्रमुख कार्यकर्ता दीपक राजपूत, वीरेंद्र पाल, कमलेश कमल, बब्बू बॉडी मेकर, अशोक पाल, धीरज रक्सेल, ईशु रक्सेल, पंकज पासवान, अंशु सोनकर सहित अनेक भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में क्षेत्रवासियों ने विश्वास जताया कि यह सड़क गड़रियनपुरवा के विकास में मील का पत्थर साबित होगी और वर्षों से चली आ रही समस्याओं का स्थायी समाधान बनेगी।
64 साल बाद गड़रियनपुरवा को मिली सड़क की सौगात