कानपुर। ऐतिहासिक रज्जन बाबू पार्क में निर्माण को लेकर चल रहा विवाद दो दिनों बाद सहमति बनने के साथ समाप्त हो गया। महापौर और पार्षद के नाम का शिलापट्ट (पत्थर) लगाए जाने के बाद पार्क की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया। देर रात तक हटिया स्थित पार्क में मजदूर काम करते रहे।
पार्क में महापौर और पार्षद के नाम का पत्थर लगाए जाने को लेकर हटिया होली गंगा मेला कमेटी और पार्षद के बीच विवाद खड़ा हो गया था। कमेटी के पदाधिकारी पत्थर लगाने का विरोध कर रहे थे, जबकि पार्षद का कहना था कि पत्थर लगाए बिना कार्य शुरू नहीं होगा। कमेटी अध्यक्ष ज्ञानेन्द्र विश्नोई ने धरना देने की चेतावनी भी दी थी।शनिवार सुबह जोन-एक के जेई, ठेकेदार और मजदूर पार्क पहुंचे, लेकिन पार्षद अमित गुप्ता ने काम रुकवा दिया। उनका कहना था कि यह नगर निगम का कार्य है और इसमें महापौर व पार्षद के नाम का पत्थर लगेगा। इसी बात को लेकर कमेटी और पार्षद के बीच नोकझोंक हुई, जिसके बाद पुलिस भी मौके पर बुला ली गई और अन्य पार्षद भी पहुंच गए।
10 मार्च को होने वाले ऐतिहासिक गंगा मेले की तैयारियों को देखते हुए बातचीत का दौर शुरू हुआ। भाजपा से अरुण तिवारी, पार्षद मोनू गुप्ता और आदर्श गुप्ता मौके पर पहुंचे और कमेटी अध्यक्ष ज्ञानेन्द्र विश्नोई, महामंत्री विनय सिंह सहित अन्य सदस्यों से वार्ता कराई। आखिरकार सहमति बनी और पहले महापौर व पार्षद के नाम का पत्थर लगाए जाने के बाद कार्य शुरू कराया गया। जेई माणिक चंद्र ने काम शुरू कराया और देर रात तक पार्क में मरम्मत कार्य चलता रहा। बातचीत के बाद यह भी तय किया गया कि इस शिलापट्ट के साथ एक और पत्थर लगाया जाएगा, जिस पर मेला कमेटी के पदाधिकारियों और सभी सदस्यों के नाम अंकित होंगे।
विवाद थमते ही पार्क में शुरू हुआ काम