डीएम द्वारा ब्लैकलिस्ट वाहन की फिटनेस कराने का मामला, आरटीओ का प्रधान सहायक निलंबित—परिवहन आयुक्त ने दिए जांच के आदेश
कानपुर—आरटीओ विभाग में एक बार फिर गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। फतेहपुर के जिलाधिकारी द्वारा ब्लैकलिस्ट किए गए वाहन की ब्लैकलिस्टिंग बिना सक्षम अधिकारी को अवगत कराए हटाकर उसकी फिटनेस कराए जाने के प्रकरण में कड़ी कार्रवाई की गई है। मामले का संज्ञान लेते हुए किंजल सिंह ने तत्काल प्रभाव से आरटीओ कानपुर नगर में तैनात प्रधान सहायक प्रदीप दीक्षित को निलंबित कर जांच के आदेश दे दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरटीओ कानपुर नगर में कार्यरत प्रधान सहायक प्रदीप दीक्षित वर्तमान में बड़ी गाड़ियों (हेवी व्हीकल) से संबंधित कार्य देख रहे थे। उनके पास एक ऐसा वाहन प्रकरण आया, जिसे फतेहपुर के जिलाधिकारी द्वारा पहले ही ब्लैकलिस्ट किया जा चुका था। आरोप है कि प्रधान सहायक ने इस संबंध में अपने किसी भी उच्चाधिकारी को जानकारी दिए बिना परिवहन पोर्टल पर जाकर वाहन की ब्लैकलिस्टिंग हटा दी और उसकी फिटनेस समेत अन्य कार्यवाही भी पूरी करवा दी। इससे वाहन स्वामी को अनुचित लाभ पहुंचा।
मामला सामने आते ही विभाग में हड़कंप मच गया। परिवहन आयुक्त ने इसे गंभीर प्रशासनिक चूक मानते हुए प्रधान सहायक को तत्काल निलंबित कर दिया और पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के निर्देश दिए। विभागीय सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 167(7) में यह प्रावधान है कि यदि कोई वाहन ब्लैकलिस्ट है लेकिन सड़क पर चल रहा है, तो सुरक्षा और सरकारी राजस्व की दृष्टि से उसकी फिटनेस सुनिश्चित की जा सकती है। हालांकि, इसके लिए नियमानुसार सक्षम अधिकारियों को अवगत कराना और आवश्यक पत्राचार करना अनिवार्य होता है। इस मामले में आरोप है कि प्रधान सहायक ने बिना किसी अनुमति और पत्राचार के सीधे पोर्टल पर ब्लैकलिस्ट हटाकर नियमों की अनदेखी की।बताया जा रहा है कि संबंधित वाहन वर्ष 2022 में फतेहपुर खनन विभाग द्वारा चालान किया गया था। चालानों की संख्या अधिक होने और कागजातों में कमियां पाए जाने पर फतेहपुर जिलाधिकारी ने वाहन को ब्लैकलिस्ट कर दिया था, ताकि उसकी खरीद-फरोख्त न हो सके। इसके बावजूद वाहन को स्थानांतरित किया गया और बाद में ब्लैकलिस्ट हटाकर फिटनेस करा दी गई, जो संदे