कानपुर— कानपुर के गोविंद नगर इलाके में वर्षों से जमे अवैध अतिक्रमण पर अब प्रशासन सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। गोविंद नगर के सबसे व्यस्त और संवेदनशील मार्ग चावला मार्केट चौराहा से सीटीआई चौराहा तक फैले अतिक्रमण को हटाने के लिए नगर निगम ने 18 फरवरी 2026 को बड़े पैमाने पर ‘पीला पंजा’ चलाने का निर्णय लिया है। यह कार्रवाई आईजीआरएस शिकायत संख्या 40016426002836 पर संज्ञान लेते हुए की जा रही है, जिसमें लगातार जाम, पैदल चलने में दिक्कत और सार्वजनिक मार्ग के अवैध उपयोग की शिकायतें दर्ज कराई गई थीं।
नगर निगम के जोनल अधिकारी अनुपम त्रिपाठी द्वारा जारी आधिकारिक आख्या के अनुसार, अभियान के दौरान पर्याप्त पुलिस बल की मौजूदगी में अवैध टीनशेड, दुकानों के आगे लगाए गए छतरियां, सड़क तक बढ़ाए गए पक्के ढांचे और अवैध रूप से खड़े किए गए ठेले हटाए जाएंगे। इस संबंध में संबंधित थाने को भी आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था या विरोध की स्थिति से सख्ती के साथ निपटा जा सके।
करीब एक किलोमीटर लंबे इस व्यस्त बाजार क्षेत्र में हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि दुकानों के सामने सार्वजनिक मार्ग तक अतिक्रमण फैल गया है। फुटपाथ लगभग पूरी तरह गायब हो चुके हैं, जिससे पैदल चलने वालों को मजबूरी में सड़क पर चलना पड़ता है और दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है। बीमा अस्पताल, वीरेंद्र स्वरूप स्कूल और यहां तक कि थाना परिसर के सामने तक अवैध कब्जों के कारण रोजाना घंटों जाम की स्थिति बनती है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि एंबुलेंस और स्कूली वाहनों को भी निकलने में भारी दिक्कत होती है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पूर्व में भी अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाए गए, लेकिन वे केवल कुछ घंटों तक सीमित रहे। कार्रवाई के कुछ ही समय बाद दोबारा वही ठेले, टीनशेड और अवैध ढांचे लग गए, जिससे समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। इस बार प्रशासन की साख दांव पर लगी हुई है और जनता को उम्मीद है कि यह अभियान केवल औपचारिक न होकर वास्तविक और स्थायी कार्रवाई साबित होगा।
इस पूरे मामले पर सख्त प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा साहित्य प्रचार विभाग (दक्षिण) के जिला संयोजक प्रकाश वीर आर्य ने कहा कि गोविंद नगर की सड़कें किसी की निजी संपत्ति नहीं हैं। फुटपाथ आम जनता के लिए होते हैं और उन्हें किराए पर चढ़ाने या कब्जा करने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 18 फरवरी को होने वाली कार्रवाई निर्णायक होनी चाहिए, न कि केवल दिखावटी। यदि अभियान के बाद दोबारा अतिक्रमण हुआ, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कराई जाएगी।
प्रकाश वीर आर्य ने यह भी कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अतिक्रमण हटाने के बाद दोबारा अवैध कब्जे पनपे, तो जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठन मिलकर आंदोलन के लिए भी मजबूर होंगे।फिलहाल 18 फरवरी को प्रस्तावित इस बड़े अभियान को लेकर गोविंद नगर और आसपास के इलाकों में चर्चाओं का दौर तेज है। व्यापारी वर्ग जहां असमंजस में है, वहीं आम नागरिकों को उम्मीद है कि वर्षों से चली आ रही जाम और अव्यवस्था की समस्या से उन्हें राहत मिलेगी और बाजार एक बार फिर सुचारु और सुरक्षित रूप से चल सकेगा।