कानपुर। 12 फरवरी को आहूत देशव्यापी आम हड़ताल की पूर्व संध्या पर बैंक, बीमा एवं केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने एकजुट होकर शहर में जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। यूपी बैंक इम्प्लाइज यूनियन, ऑल इंडिया इंश्योरेंस इम्प्लाइज यूनियन तथा केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच के बैनर तले इंडियन बैंक, बड़ा चौराहा से एलआईसी बिल्डिंग, फूलबाग तक विशाल जुलूस निकाला गया। जुलूस के माध्यम से केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आक्रोश जताते हुए श्रमिक अधिकारों की रक्षा की मांग की गई।
जुलूस के समापन के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए यूपी बैंक इम्प्लाइज यूनियन के मंत्री रजनीश गुप्ता ने सरकार की नीतियों को श्रम विरोधी करार दिया। उन्होंने कहा कि चार नए लेबर कोड्स के जरिए कर्मचारियों के मौलिक अधिकारों को कमजोर करने की तैयारी की जा रही है। फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉयमेंट जैसी व्यवस्थाओं से नौकरी की सुरक्षा समाप्त हो रही है, जिससे कर्मचारी असुरक्षा और अनिश्चितता के दौर में धकेले जा रहे हैं।
उन्होंने मांग की कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और बीमा कंपनियों को मजबूत किया जाए, बैंकों एवं एलआईसी में विनिवेश की प्रक्रिया तत्काल रोकी जाए, पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए तथा स्वास्थ्य बीमा पर लगाए गए जीएसटी को समाप्त किया जाए।
सभा को यूपी बैंक इम्प्लाइज यूनियन के अध्यक्ष मनोज तिवारी, संयुक्त मंत्री अंकुर द्विवेदी, एलआईसी फेडरेशन के महामंत्री राजीव निगम, केंद्रीय ट्रेड यूनियन नेता शरद प्रकाश अग्रवाल, असित सिंह एवं मोहम्मद वसी ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि यदि श्रमिक हितों की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
जुलूस एवं सभा में बड़ी संख्या में बैंक, बीमा एवं विभिन्न ट्रेड यूनियनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहे। प्रमुख रूप से एस.के. शुक्ला, एस.के. मिश्रा, अंशुमान तिवारी, नितिन शर्मा, अनिल सोनकर, अनुराग सिंह, पुष्कर मिश्रा, रोशूल सचान, अनिकेत अवस्थी, आर.के. पांडे, शोभित शुक्ला, धर्मराज पांडे, के.एम. शुक्ला, शिवांगी द्विवेदी, नेहा श्रीवास्तव, स्वप्निल त्रिपाठी, आकांक्षा मिश्रा, विनय गोयनका, बसंत लाल, हरीश चंद्र, राजेश गुप्ता, अतुल सक्सेना, सुमित तिवारी, विवेक यादव, मोहम्मद हसीन, सत्यम सक्सेना, पंकज शर्मा सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेताओं ने स्पष्ट किया कि 12 फरवरी की आम हड़ताल के माध्यम से सरकार को श्रमिकों की एकजुट ताकत का एहसास कराया जाएगा और अधिकारों की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ी जाएगी।