कानपुर। केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाए जाने के विरोध में कांग्रेस ने सड़क से लेकर चौपाल तक मोर्चा खोल दिया है। ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ अभियान के तहत रविवार को कानपुर महानगर कांग्रेस कमेटी की ओर से लक्ष्मीपुरवा क्षेत्र में एक विशाल न्याय चौपाल का आयोजन किया गया। इस चौपाल में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराते हुए मजदूरों के अधिकारों की रक्षा का संकल्प लिया।कार्यक्रम का नेतृत्व महानगर अध्यक्ष पवन गुप्ता ने किया। चौपाल को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मनरेगा सिर्फ एक रोजगार योजना नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण भारत और गरीब मजदूरों के सम्मान, अधिकार और आत्मनिर्भरता की गारंटी है। उन्होंने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाना केवल एक नाम हटाना नहीं है, बल्कि यह बापू की विचारधारा, उनके संघर्ष और उनके सपनों के भारत पर सीधा हमला है। कांग्रेस पार्टी इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।”
पवन गुप्ता ने कहा कि महात्मा गांधी ने देश को सत्य, अहिंसा और श्रम का सम्मान करना सिखाया, जबकि वर्तमान सरकार मजदूरों के अधिकारों को कमजोर कर रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने मजदूर विरोधी नीतियां वापस नहीं लीं और मनरेगा में बापू का नाम पुनः शामिल नहीं किया, तो कांग्रेस आंदोलन को और तेज करेगी।
चौपाल में मौजूद कांग्रेस नेताओं ने मजदूरों की बदहाल स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और मजदूरी भुगतान में देरी ने गरीब तबके का जीना मुश्किल कर दिया है। वक्ताओं ने मांग की कि मनरेगा को कमजोर करने के बजाय इसे और मजबूत किया जाए, ताकि गरीब मजदूरों को सम्मानजनक रोजगार और समय पर मजदूरी मिल सके।
इस मौके पर पवन गुप्ता ने लक्ष्मीपुरवा और आसपास की मलिन बस्तियों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सीवर, पीने के पानी की किल्लत, टूटी-फूटी सड़कें और गंदगी जैसी बुनियादी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं। कांग्रेस पार्टी इन मुद्दों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन करेगी और प्रशासन को मजबूर करेगी कि वह इन समस्याओं का स्थायी समाधान करे।
कार्यक्रम का संयोजन राम आसरे पाल ने किया, जबकि संचालन विजय सिंह ने किया। चौपाल में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी अपने विचार रखे। पूर्व महानगर अध्यक्ष हर प्रकाश अग्निहोत्री, आलोक मिश्रा, कॉर्डिनेटर आनंद प्रकाश वर्मा और सुरेश बख्शी ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा से मजदूरों, किसानों और गरीबों के हितों की लड़ाई लड़ती आई है और आगे भी लड़ती रहेगी। इस दौरान राम दौर सविता, रितेश यादव, सैमुअल लकी सिंह, मदन गोपाल राख़रा, वीरेंद्र चतुर्वेदी, राज किशोर वर्मा, जय शंकर द्विवेदी, पदम मिश्रा, धर्मेंद्र सिंह, अजय श्रीवास्तव शीलू, सुरेंद्र भदौरिया, मुकेश दुबे, मनोज अवस्थी, राम जी दुबे, आशुतोष शुक्ला, विश्वनाथ जैसवाल, कंचन लता, रवि बाजपेई सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में कांग्रेस नेताओं ने एक स्वर में कहा कि मनरेगा और महात्मा गांधी दोनों ही गरीबों और मजदूरों की आवाज हैं, और इनके सम्मान व अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।