कानपुर। उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग, लखनऊ के सचिव डॉ. प्रतीक सचान ने कानपुर गौशाला सोसाइटी की भौती शाखा का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने गौ संरक्षण, गौ संवर्धन एवं गोवंश के समुचित रखरखाव से जुड़ी व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की। निरीक्षण दल में डॉ. मुकेश सिंह, डॉ. अखिलेश श्रीवास्तव तथा समन्वयक आयुष गुप्ता भी शामिल रहे।
निरीक्षण के दौरान सचिव ने गोवंश आश्रय स्थल, चारा भंडारण, पेयजल व्यवस्था, औषधि विभाग, पंचगव्य अनुसंधान केंद्र एवं आधुनिक कंप्यूटरीकरण प्रणाली का गहन निरीक्षण किया। परिसर में बेहतर साफ-सफाई, सुव्यवस्थित गोशालाओं और अनुशासित संचालन व्यवस्था को देखकर उन्होंने संतोष व्यक्त किया। डॉ. प्रतीक सचान ने कहा कि वे प्रदेश की विभिन्न गौशालाओं का नियमित रूप से निरीक्षण करते हैं, लेकिन इतनी उत्कृष्ट साफ-सफाई और व्यवस्थित संचालन बहुत कम गौशालाओं में देखने को मिलता है।
उन्होंने कहा कि कानपुर गौशाला समिति की भौती शाखा की व्यवस्थाएं अन्य जिलों की गौशालाओं के लिए अनुकरणीय हैं। इन्हीं व्यवस्थाओं को देखते हुए यह निर्णय लिया गया कि भविष्य में यहां उत्तर प्रदेश की गौशालाओं का एक बृहद सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिससे प्रदेश की अन्य गौशालाएं यहां से प्रशिक्षण प्राप्त कर स्वावलंबी बन सकें। इस प्रस्तावित सम्मेलन में मुख्यमंत्री एवं पशुधन मंत्री को आमंत्रित किए जाने पर भी चर्चा हुई।
निरीक्षण के दौरान केंद्रीय सचिवालय प्रशिक्षण एवं प्रबंधन संस्थान, नई दिल्ली के नवनियुक्त अधिकारी भी चयन आयोग के माध्यम से भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में नियुक्त कार्य अधिकारियों के साथ विभिन्न पालियों में गौशाला का भ्रमण करते हुए पहुंचे। सचिव ने बताया कि प्रदेश सरकार की यह योजना है कि इस आदर्श गौशाला को प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जाए, जहां गौशाला संचालकों, कर्मचारियों एवं संबंधित अधिकारियों को आधुनिक तकनीकों एवं प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जा सके।
इस अवसर पर कानपुर गौशाला समिति के उपसभापति सुरेश गुप्ता ने गौशाला के संचालन में आ रही कुछ व्यावहारिक समस्याओं की जानकारी सचिव को दी। डॉ. प्रतीक सचान ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन देते हुए गौशाला को पंचगव्य अनुसंधान के क्षेत्र में और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पंचगव्य अनुसंधान से जुड़े जो भी प्रस्ताव शासन को भेजे जाएंगे, उन्हें गंभीरता से विचार कर पारित कराने का प्रयास किया जाएगा।
सचिव ने गोमूत्र आधारित पेस्टिसाइड के अधिकाधिक उपयोग और उसके व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे न केवल जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि गोपालकों की आय में भी वृद्धि होगी। साथ ही उन्होंने गोवंश के स्वास्थ्य के लिए समय-समय पर नीम की पत्तियों एवं चूने के उपयोग की सलाह दी, जिससे कैल्शियम की पूर्ति के साथ-साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़े।
निरीक्षण के दौरान उपसभापति सुरेश गुप्ता, मुख्य प्रबंधक रामगोपाल मिश्रा, संजीव द्विवेदी, डॉ. बी. चंदेल, विवेक सिंह राजावत, गणेश प्रसाद पांडे, दिनेश शुक्ला, नरेंद्र सिंह सहित गौशाला समिति के अन्य पदाधिकारी, कर्मचारी एवं गोसेवक उपस्थित रहे। सचिव ने अंत में गौशाला प्रबंधन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी व्यवस्थाएं प्रदेश की अन्य गौशालाओं के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होंगी।
कानपुर गौशाला सोसाइटी भौती का उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के सचिव ने किया औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं की सराहना