कानपुर। चंद्रशेखर आज़ाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में निर्माणाधीन 200 छात्राओं की क्षमता वाले बालिका छात्रावास के कार्यों का शुक्रवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने परियोजना की प्रगति, गुणवत्ता एवं व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।
निरीक्षण के समय निर्माण स्थल पर सिटीजन इंफॉर्मेशन बोर्ड न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को तत्काल बोर्ड लगाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी शासकीय परियोजना स्थल पर सूचना बोर्ड अनिवार्य होता है, जिससे आमजन को परियोजना की लागत, अवधि एवं कार्यदायी संस्था की जानकारी मिल सके।
अधिकारियों ने जिलाधिकारी को बताया कि यह छात्रावास 12.59 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है, जिसकी संरचना जी+2 होगी। छात्रावास का निर्माण मंडी समिति निर्माण खंड, कानपुर नगर द्वारा कराया जा रहा है। परियोजना को शासन से 23 मई 2025 को स्वीकृति प्राप्त हुई थी तथा निर्माण कार्य 3 सितंबर 2025 से प्रारंभ किया गया है। निर्माण कार्य को 2 सितंबर 2027 तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि निर्माण स्थल पर विश्वविद्यालय के कुछ कक्ष अब तक खाली नहीं कराए गए हैं। इसके अतिरिक्त पेयजल आपूर्ति की लाइन एवं एक विद्युत केबल का स्थानांतरण भी अभी शेष है, जिससे भविष्य में निर्माण कार्य प्रभावित होने की संभावना बनी हुई है। इस पर जिलाधिकारी ने रजिस्ट्रार, चंद्रशेखर आज़ाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय से समन्वय स्थापित कर सभी लंबित व्यवस्थाएं शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
उप निदेशक मंडी (निर्माण) ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि वर्तमान में परियोजना की भौतिक प्रगति लगभग पांच प्रतिशत है। छात्रावास निर्माण के लिए कुल 142 फाउंडेशन पिलर के गड्ढे किए जा चुके हैं तथा पिलर ढलाई का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि छात्राओं के लिए निर्मित की जा रही आवासीय परियोजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए, सभी तकनीकी मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए तथा निर्माण से जुड़ी सभी अड़चनों को समय रहते दूर कर परियोजना को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण कराया जाए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण एवं निगरानी करने के भी निर्देश दिए, ताकि कार्य में पारदर्शिता बनी रहे और छात्राओं को भविष्य में सुरक्षित व सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराया जा सके।
200 छात्राओं की क्षमता वाले बालिका छात्रावास के निर्माण कार्यों का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण