कानपुर। शहर में लगातार बढ़ रही लूट, चोरी और छिनैती की वारदातों ने कानपुर पुलिस कमिश्नरेट की चिंता बढ़ा दी है। बीते दिनों पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल द्वारा क्राइम मीटिंग में दी गई सख्त चेतावनी के बावजूद कई थानों की कार्यप्रणाली में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका है, ऐसे में अब जिम्मेदार थाना प्रभारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार दूसरी क्राइम मीटिंग की आहट मिलते ही शहर के कई थाना प्रभारियों में खलबली मच गई है। बताया जा रहा है कि पुलिस कमिश्नर ने थानों की कार्यशैली की गोपनीय समीक्षा कराई है, जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। समीक्षा रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ है कि कई थाना प्रभारी अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण, गैंगस्टर एक्ट जैसी कठोर कार्रवाई और संगठित अपराध पर नकेल कसने में पूरी तरह विफल रहे हैं। विशेष रूप से सेंट्रल, दक्षिण और पश्चिम जोन के कुछ थानों में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ा है, जिससे पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचा है। चर्चा है कि आगामी क्राइम मीटिंग में उन थाना प्रभारियों की कार्यप्रणाली की परत-दर-परत समीक्षा होगी, जिन्होंने पीड़ितों द्वारा साक्ष्य उपलब्ध कराने के बावजूद उचित कार्रवाई नहीं की। फरियादियों की सुनवाई में लापरवाही, मामलों के निस्तारण में देरी और भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों को लेकर पुलिस कमिश्नर बेहद सख्त रुख अपनाए हुए हैं। विश्वसनीय सूत्रों का कहना है कि पुलिस कमिश्नरेट जल्द ही ‘खराब रिपोर्ट कार्ड’ वाले थाना प्रभारियों को हटाकर बड़े स्तर पर फेरबदल की सूची जारी कर सकता है। एक ओर जहां नाकाम थानेदारों की कुर्सी जाने का खतरा मंडरा रहा है, वहीं दूसरी ओर पूर्व में साइड लाइन किए गए अनुभवी और सख्त छवि वाले इंस्पेक्टरों के लिए उम्मीद की किरण दिखाई दे रही है। चर्चा है कि अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस कमिश्नर उन अधिकारियों को दोबारा फील्ड में तैनात कर सकते हैं, जिनका रिकॉर्ड अपराध नियंत्रण में बेहतर रहा है। गैंगस्टर और सक्रिय अपराधियों पर ढीली कार्रवाई, अपराधियों की संपत्ति कुर्क करने में लापरवाही, सरेराह होने वाली घटनाओं को रोकने के लिए पेट्रोलिंग का अभाव, थानों में पीड़ितों की शिकायतों की अनदेखी और भ्रष्टाचार व अनुचित व्यवहार की शिकायतें इस सख्त कार्रवाई के प्रमुख बिंदु होंगे। पुलिस कमिश्नरेट स्तर पर शुरू हुई इस कवायद से विभाग के भीतर जबरदस्त हलचल मची हुई है और अब सभी की निगाहें अगली क्राइम मीटिंग पर टिकी हैं, जहां कई बड़े और चौंकाने वाले बदलाव होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
कानपुर में बढ़ते अपराधों से पुलिस कमिश्नरेट सख्त, दूसरी क्राइम मीटिंग से पहले थानों में हड़कंप