कानपुर-रेलवे यात्रियों को टिकटों के माध्यम से जुए और सट्टे के जाल में फंसाकर धोखाधड़ी करने वाले एक शातिर अपराधी को जीआरपी कानपुर सेंट्रल की प्रभावी पैरवी के बाद न्यायालय ने 4 वर्ष के कठोर कारावास की सज़ा सुनाई है यह कार्यवाही अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और रोकथाम की दिशा में एक प्रशंसनीय कदम मानी जा रही है जीआरपी कानपुर सेंट्रल के प्रभारी निरीक्षक ओम नारायण सिंह के कुशल नेतृत्व में कार्य कर रही टीम ने अभियुक्त मोहम्मद आरिफ को उसके घर से गिरफ्तार किया था अपराधी पर विभिन्न रेलवे स्टेशनों और जनपदों में अपने साथियों के साथ मिलकर रेलवे टिकटों का इस्तेमाल करते हुए लोगों से जुआ खेलने, सट्टा लगाने और बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी करने का गंभीर आरोप था इस मामले में जीआरपी कानपुर सेंट्रल द्वारा दिनांक 4.09.2024 को अभियुक्त मोहम्मद आरिफ के विरुद्ध विभिन्न अभियोगों में मुकदमा दर्ज किया गया था पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए साक्ष्यों को मजबूती से एकत्र किया और न्यायालय में प्रभावी ढंग से पैरवी की मामले की सुनवाई के उपरांत, न्यायालय अपर सिविल जज द्वारा अभियुक्त मोहम्मद आरिफ को दोष सिद्ध ठहराया गया न्यायालय ने अपराध की गंभीरता और समाज पर इसके नकारात्मक प्रभाव को ध्यान में रखते हुए अभियुक्त को 4 वर्ष के कठोर कारावास और एक हज़ार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है इस प्रभावी कार्यवाही को अंजाम देने वालों में निम्नलिखित अधिकारी और कर्मी शामिल रहे ओम नारायण सिंह, प्रभारी निरीक्षक, थाना जीआरपी, व0 उपनिरीक्षक विनोद कुमार यादव, उपनिरीक्षक अर्पित तिवारी, प्रभारी चौकी जीआरपी झीझक, उपनिरीक्षक आशीष कुमार बौद्ध, थाना जीआरपी, हेड कांस्टेबल शिव सिंह, हेड कांस्टेबल हरिपाल, हेड कांस्टेबल वैश खान, हेड कांस्टेबल सुहेल थाना जीआरपी, कांस्टेबल सत्येंद्र सिंह, कांस्टेबल बलवान चौधरी, कांस्टेबल धर्मेन्द्र कुमार, कांस्टेबल रामआधार, कांस्टेबल दिलीप कुमार थाना जीआरपी, ओम नारायण सिंह प्रभारी निरीक्षक जीआरपी ने बताया कि रेलवे परिसरों और ट्रेनों में अपराध करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
रेलवे टिकटों के नाम पर जाल बिछाने वाला ठग गिरफ्तार, अदालत ने सुनाई 4 वर्ष की सजा