कानपुर—‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के अंतर्गत अपर पुलिस महानिदेशक (रेलवे) प्रकाश डी. के मार्गदर्शन तथा पुलिस महानिरीक्षक (रेलवे) मोदक राजेश डी. राव के निर्देशन में जीआरपी पुलिस को एक अहम सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक (रेलवे) प्रयागराज प्रशांत वर्मा की लगातार मॉनिटरिंग और पुलिस उपाधीक्षक कानपुर दुष्यंत कुमार सिंह के निकट पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई पूरी की गई।
प्रभारी निरीक्षक थाना जीआरपी कानपुर सेन्ट्रल ओम नारायण सिंह के कुशल नेतृत्व में जीआरपी पुलिस द्वारा दिनांक 06 जनवरी 2026 को प्रभावी विवेचना, सशक्त पैरवी एवं ठोस साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय से दोषसिद्धि का फैसला प्राप्त किया गया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कक्ष संख्या–03, कानपुर नगर ने एसटी संख्या 386/2018 (मुकदमा अपराध संख्या 625/2018), धारा 22(सी) एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत अभियुक्त संजय राजपूत निवासी 13/207 आदर्श नगर, शुक्लागंज, थाना गंगाघाट, जनपद उन्नाव को दोषी ठहराया।
न्यायालय ने अपराध की गंभीरता एवं समाज पर इसके प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए अभियुक्त को 01 वर्ष के कठोर कारावास एवं ₹1,000 के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में अभियुक्त को 08 दिवस का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
मामले की विवेचना अधिकारी द्वारा वैज्ञानिक साक्ष्यों एवं एफएसएल रिपोर्ट के साथ समयबद्ध ढंग से आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक द्वारा प्रस्तुत किए गए ठोस गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त पर दोष सिद्ध हुआ।
इस सफल अनावरण एवं दोषसिद्धि की प्रक्रिया में प्रभारी निरीक्षक जीआरपी कानपुर सेन्ट्रल ओम नारायण सिंह सहित जीआरपी का समस्त स्टाफ सक्रिय रूप से शामिल रहा। उनकी प्रभावी कार्यप्रणाली और समन्वित प्रयासों के चलते यह महत्वपूर्ण परिणाम संभव हो सका, जो नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस की सख्त मंशा को दर्शाता है।
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