कानपुर नगर।
श्री गुरु गोविंद सिंह जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर पटना (बिहार) स्थित जन्म स्थल में सेवा कर वापस पंजाब लौट रही संगत का आज गुरुद्वारा बाबा नामदेव जी, कानपुर में गर्मजोशी से स्वागत किया गया। यह संगत हर वर्ष पंजाब से पटना साहिब जाकर गुरु घर की सेवा करती है और इस वर्ष भी सेवा संपन्न कर लगभग 10 ट्रकों एवं 5 छोटी गाड़ियों के काफिले के साथ आनंदपुर साहिब (पंजाब) के लिए रवाना हुई। कानपुर प्रवास के दौरान गुरुद्वारा बाबा नामदेव जी में संगत के लिए भाई लंगर, प्रसाद एवं नाश्ते की व्यवस्था की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सेवा का लाभ लिया। इसी अवसर पर गुरुद्वारा बाबा नामदेव जी में गुरमत समागम का आयोजन भी किया गया। समागम में ऑस्ट्रेलिया से पधारे कीर्तनीय भाई गुरदेव सिंह जी ने गुरबाणी कीर्तन के माध्यम से संगत को निहाल किया। उन्होंने आज के दिन के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए सरहिंद की उस भूमि का उल्लेख किया, जहां बाबा जोरावर सिंह , बाबा फतेह सिंह एवं माता गुजरी का अंतिम संस्कार हुआ था, और गुरु इतिहास से संगत को अवगत कराया। कार्यक्रम में कानपुर की समस्त स्त्री सत्संग सभा द्वारा श्रद्धापूर्वक श्री जपजी साहिब के पाठ किए गए। गुरुद्वारा कमेटी की ओर से लंगर एवं अन्य व्यवस्थाएं सुचारु रूप से की गईं। इस सेवा एवं कार्यक्रम में विशेष रूप से गुरदीप साइकिल, श्रीचंद असरानी, अशोक अरोड़ा, प्रिंस, वासु, हरदयाल सिंह, गुरबख्श सिंह, सुरेंद्र कौर , रविंदर कौर, नीना बहन तथा कार्यक्रम मेथी सरदार नीतू सिंह सहित अनेक सेवादारों एवं श्रद्धालुओं का सराहनीय योगदान रहा।
प्रकाश पर्व पर सेवा कर लौट रही संगत का गुरुद्वारा बाबा नामदेव जी में सम्मान