मुंबई,
सोनी सब का लोकप्रिय और प्रेरणादायक शो ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ अपने दर्शकों के दिलों में लगातार जगह बनाए हुए है। सात साल के महत्वपूर्ण लीप के बाद कहानी अब नए मोड़ ले रही है और अपने प्रिय किरदारों के जीवन में उभर रही चुनौतियों व बदलावों को गहराई से दिखा रही है। शो के इसी नए सफर में जुड़ रही हैं प्रसिद्ध गुजराती फिल्म अभिनेत्री दीक्षा जोशी, जो पहली बार हिंदी टेलीविजन पर ‘दीप्ति’ के किरदार में दिखाई देंगी। यह किरदार अधूरी भावनाओं, मातृत्व की संवेदनाओं और परिवार के प्रति मजबूत संकल्प का मिश्रण है, जो कहानी को एक नई दिशा देता है।
एक विशेष बातचीत में दीक्षा जोशी ने बताया कि उन्हें ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ में काम करने की प्रेरणा कहाँ से मिली और दर्शक उनके किरदार दीप्ति में क्या नया देखने वाले हैं।
टेलीविजन डेब्यू पर बोलीं दीक्षा— “दीप्ति को पहली बार सुनते ही मैंने हाँ कह दिया”
दीक्षा जोशी ने बताया कि जब पहली बार उन्हें दीप्ति के बारे में समझाया गया, तो उन्हें तुरंत महसूस हुआ कि वह इस किरदार से गहराई से जुड़ सकती हैं। उन्होंने कहा,
“दीप्ति में एक नरमी है, उसके भीतर सहानुभूति और संवेदनशीलता है, जो मुझे काफी करीब महसूस होती है। इसी वजह से मैंने इस किरदार को तुरंत स्वीकार कर लिया। मैं हमेशा से सोनी सब और हैट्स ऑफ प्रोडक्शन्स के साथ काम करना चाहती थी, इसलिए यह अवसर मेरे लिए बेहद खास है। ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ एक स्थापित और सराहे गए शो के रूप में पहले से ही दर्शकों के बीच लोकप्रिय है, और मेरी हिंदी टीवी की शुरुआत इससे बेहतर किसी शो से नहीं हो सकती थी।”
सात साल के लीप के बाद बदल गई दीप्ति की दुनिया
शो में आए सात साल के लीप के बाद दीप्ति अब एक माँ के रूप में एक अधिक परतदार और भावनात्मक यात्रा से गुजर रही है। वह अपनी गोद ली हुई बेटी स्वरा के साथ रिश्ते को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। दीक्षा कहती हैं,
“दीप्ति समझती है कि स्वरा को छोड़े जाने का घाव कितना गहरा है। वह आज भी उस अपराधबोध को ढोती है, जबकि उसकी कभी इच्छा नहीं थी कि स्वरा को अनचाहा महसूस हो। इसी के साथ वह घर-परिवार की जिम्मेदारियाँ भी निभा रही है—खासकर राशि और उसकी शादी से जुड़ी परिस्थितियाँ। अब दीप्ति पहले से कहीं अधिक अपने परिवार के साथ खड़ी नजर आएगी, शायद इसलिए क्योंकि कई वर्षों तक वह अपने कॅरियर में व्यस्त रही थी और अब वह परिवार को प्राथमिकता देती है।”
“दीप्ति मेरे जैसी भी है… और मेरे लिए प्रेरणा भी” — दीक्षा
अपने किरदार से जुड़ाव की बात करते हुए दीक्षा ने कहा,
“दीप्ति का संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण पक्ष मुझे बिल्कुल अपना लगता है। वह हर बात को दिल से महसूस करती है और मैं भी ऐसी ही हूँ। लेकिन उसकी मजबूती मुझे सबसे अधिक प्रेरित करती है—भावनात्मक उथल-पुथल, अपराधबोध और ढेर सारी जिम्मेदारियों के बीच खुद को संभाले रखने की उसकी क्षमता मुझे बहुत प्रभावित करती है। मैं चाहती हूँ कि मैं भी अपने जीवन में ऐसी आंतरिक दृढ़ता विकसित कर सकूँ। इस मायने में दीप्ति मेरे लिए परिचित भी है और प्रेरणादायक भी।”
सात साल के लीप के बाद शो का यह नया अध्याय कहानी में भावनात्मक गहराई जोड़ता है और दर्शकों को नए रिश्तों, नई चुनौतियों और नई उम्मीदों का अनुभव कराता है। दीक्षा जोशी के जुड़ने से शो की कथा में एक नई ताजगी और संवेदनशीलता की परत जुड़ गई है। देखिए ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’
सोमवार से शनिवार, रात 9:30 बजे
सिर्फ सोनी सब पर