संवाददाता मनीष गुप्ता
कानपुर। नगर निगम ज़ोन-6 के अंतर्गत आने वाली नई बस्ती मिर्जापुर में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। नालियों में सीवर का गंदा पानी बहने से गलियों में कीचड़, बदबू और गंदगी फैली रहती है, जिसके कारण साँप, बिच्छू, चूहे और जहरीले कीड़े तक घरों में घुस जाते हैं। कचरा निस्तारण की व्यवस्था ठप होने से मोहल्ले में कचरे के ढेर और खाली प्लॉटों में गंदगी का अम्बार लगा हुआ है, जिससे मच्छर तेजी से पनप रहे हैं और डेंगू, मलेरिया व अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। बरसात में टूटी इंटरलॉकिंग सड़कें तालाब बन जाती हैं और गहरे गड्ढों में पानी भरने से लोग रोजाना गिरकर चोटिल हो रहे हैं। कुछ महीने पहले डाली गई पानी की पाइपलाइन के बाद सड़क की मरम्मत नहीं की गई, जिससे आवागमन और मुश्किल हो गया है। क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि वे महापौर, नगर आयुक्त, वार्ड 19 की पार्षद ज्योति पासवान, विधायिका नीलिमा कटियार और यहां तक कि मुख्यमंत्री पोर्टल तक शिकायत कर चुके हैं, लेकिन किसी भी स्तर पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन सिर्फ आश्वासन देता है, काम नहीं करता। नागरिकों ने कहा है कि यदि जल्द हालात नहीं सुधरे तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे क्योंकि नई बस्ती मिर्जापुर बीमारियों, गंदगी और प्रशासनिक लापरवाही से जूझ रही है।