कानपुर-देश के सशस्त्र बलों की बहादुरी, शौर्य, बलिदान और कर्तव्यनिष्ठा के प्रति सम्मान व्यक्त करने के पवित्र अवसर सशस्त्र झंडा दिवस पर सोमवार को कानपुर में एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया इस अवसर पर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के शीर्ष अधिकारियों ने पूर्व सैनिकों के कल्याण के प्रति समाज की जिम्मेदारी पर जोर दिया कार्यक्रम में उपस्थित जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह और पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने कहा कि सेना झंडा दिवस केवल एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह हमारे सैनिकों के सम्मान और उनके कल्याण के प्रति समाज की संवेदनशीलता का प्रतीक है इस अवसर पर, जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त, संयुक्त पुलिस आयुक्त आशुतोष सिंह, एडीएम सिटी राजेश सिंह, चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट सूरज मिश्रा और एडीएम कमांडेंट कर्नल संदीप सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को झंडा प्रतीक एवं स्मारिका भेंट की गई जिलाधिकारी और पुलिस आयुक्त ने संयुक्त रूप से उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों से यह अपील की कि वे स्वैच्छा से सेना झंडा कोष में उदारतापूर्वक योगदान दें उन्होंने कहा कि यह योगदान पूर्व सैनिकों, शहीदों के परिवारों और दिव्यांग सैनिकों के कल्याण कार्यों को मजबूती प्रदान करने में अत्यंत सहायक सिद्ध होता है यह धनराशि उन सैनिकों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है, जिन्होंने देश की सेवा में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित पूर्व सैनिकों ने भी अपने अनुभव साझा किए, जिन्होंने सेवाकाल के दौरान देश की रक्षा के लिए किए गए अपने कर्तव्य और चुनौतियों को सामने रखा अधिकारियों ने सभी पूर्व सैनिकों को सम्मान चिह्न प्रदान कर उनका अभिनंदन किया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की इस पूरे कार्यक्रम का संयोजन उत्तर प्रदेश एक्स सर्विसेस लीग के अध्यक्ष मेजर योगेंद्र सिंह कटियार ने सफलतापूर्वक किया इस अवसर पर जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल सूर्य प्रताप सिंह, अन्य पूर्व सैनिक और संबंधित स्टाफ सदस्य भी उपस्थित रहे। सभी ने सशस्त्र बलों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।
सशस्त्र झंडा दिवस : सैन्य शौर्य को नमन, अधिकारियों ने दिया सेना कल्याण कोष में योगदान का आह्वान