अटल घाट पर प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत 2.35 लाख मत्स्य अंगुलिकाओं का विसर्जन

मत्स्य संपदा संरक्षण और निर्मल गंगा अभियान के तहत जागरूकता गोष्ठी का आयोजन — मत्स्य अधिकारियों ने दी योजनाओं की विस्तृत जानकारी

कानपुर। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत मत्स्य संपदा के संरक्षण एवं निर्मल गंगा अभियान को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से अटल घाट, कानपुर में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान 2.35 लाख मत्स्य अंगुलिकाओं का विसर्जन किया गया, जिससे गंगा में मत्स्य प्रजातियों का संरक्षण और संख्या संतुलन बनाए रखने का प्रयास किया जा सके।

कार्यक्रम में सांसद रमेश अवस्थी के प्रतिनिधि के रूप में उपेंद्र शुक्ला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने मत्स्यपालकों को विभागीय योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया और कहा कि सरकार का उद्देश्य मत्स्य व्यवसाय को आत्मनिर्भर एवं टिकाऊ बनाना है।

गोष्ठी में मत्स्य योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी

कार्यक्रम के दौरान आयोजित गोष्ठी में मत्स्य अधिकारी सुनील सिंह ने प्रतिभागियों को सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मछुआ दुर्घटना बीमा योजना, चिकित्सा सहायता योजना, शिक्षा सहायता योजना, निषाद राज बोट योजना तथा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मत्स्य पालकों को अनेक प्रकार की आर्थिक एवं तकनीकी सहायता प्रदान की जा रही है।

उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य न केवल मत्स्य उत्पादन बढ़ाना है, बल्कि मत्स्यपालकों की आय दोगुनी करना और उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना भी है।

मत्स्य संपदा संरक्षण पर मत्स्य पालकों ने रखे विचार

इस अवसर पर उत्साही मत्स्य पालक गिरजा शंकर ने मत्स्य संपदा के संरक्षण एवं सतत विकास पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने उपस्थितजनों से अपील की कि वे छोटे आकार की मछलियों के शिकार से परहेज करें, ताकि प्राकृतिक प्रजनन चक्र सुरक्षित रह सके और मत्स्य संपदा की निरंतरता बनी रहे।

मुख्य अतिथि उपेंद्र शुक्ला ने दी किसान क्रेडिट कार्ड योजना की जानकारी

मुख्य अतिथि उपेंद्र शुक्ला ने मत्स्य व्यवसाय से जुड़े लोगों को विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि किसान क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत मत्स्य पालक अब बिना भूमि बंधक के ₹1.60 लाख तक का ऋण मात्र 4 प्रतिशत ब्याज दर पर प्राप्त कर सकते हैं। इससे वे अपने व्यवसाय का विस्तार, उपकरणों की खरीद एवं नई तकनीकों के उपयोग में निवेश कर सकेंगे।

उन्होंने कहा कि यदि किसी मत्स्य पालक को योजनाओं से संबंधित कोई समस्या होती है तो वह सीधे विभाग से संपर्क करें। विभाग का उद्देश्य है कि हर मत्स्य पालक तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुँचे।

अधिकाधिक लाभ उठाने का किया गया आग्रह

कार्यक्रम में उपनिदेशक मत्स्य कार्यालय, कानपुर नगर के प्रतिनिधि के.सी. वर्मा भी उपस्थित रहे। उन्होंने उपस्थित मत्स्य पालकों से आग्रह किया कि वे विभागीय योजनाओं का अधिकाधिक प्रचार-प्रसार करें और इन योजनाओं का लाभ लेकर अपनी आजीविका को सशक्त बनाएं।

अंत में मुख्य अतिथि ने सभी प्रतिभागियों से कहा कि सरकार मत्स्य उद्योग को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सशक्त स्तंभ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसलिए प्रत्येक मत्स्य पालक को चाहिए कि वह योजनाओं की जानकारी लेकर उनका पूरा लाभ उठाए और “आत्मनिर्भर मत्स्यपालक, समृद्ध भारत” के संकल्प को साकार करे।

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