कानपुर।
स्कूल ऑफ बेसिक साइंसेज के भूगोल विभाग में गुरुवार को पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “प्रकृति बचाओ, पर्यावरण संरक्षण” विषय पर एक पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और अपनी रचनात्मकता के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का गहरा संदेश समाज तक पहुँचाया।
प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपने पोस्टरों में बढ़ते पर्यावरणीय संकट, वनों की कटाई, ग्लोबल वार्मिंग, प्रदूषण, और जनसंख्या वृद्धि से उत्पन्न समस्याओं को चित्रों और नारों के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। कई पोस्टरों पर “स्वच्छ पर्यावरण सुरक्षित भविष्य”, “पेड़ लगाओ जीवन बचाओ”, “धरती है मां, इसका सम्मान करो” जैसे प्रेरक संदेश विशेष रूप से दर्शकों का ध्यान आकर्षित कर रहे थे।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एवं स्कूल की डिप्टी डायरेक्टर डॉ. अंजु दीक्षित ने छात्रों के उत्साह और रचनात्मकता की सराहना करते हुए कहा,
> “युवा पीढ़ी ही वास्तविक परिवर्तन की वाहक है। ऐसे आयोजन न केवल विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच को बढ़ाते हैं बल्कि उन्हें समाज और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का भी एहसास कराते हैं।”
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. दुर्गेश सिंह (विभाग समन्वयक) ने कहा कि पोस्टर कला केवल चित्रांकन नहीं है, बल्कि यह विचारों और चेतना का माध्यम है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण असंतुलन एक वैश्विक चुनौती बन चुका है और इस दिशा में युवाओं की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने आगे कहा,
> “जब युवा अपने विचारों को रंगों और रेखाओं के माध्यम से समाज के सामने रखते हैं, तो वह एक नयी सोच और बदलाव की शुरुआत होती है। हर पोस्टर एक संदेश है — प्रकृति के संरक्षण का, और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ पर्यावरण का।”
इस अवसर पर विभाग के शिक्षकों में डॉ. सानू प्रिया, डॉ. प्रदीप कुमार सहित अन्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे। निर्णायकों ने छात्र-छात्राओं के कार्यों का मूल्यांकन रचनात्मकता, विषय की समझ, और संदेश की प्रभावशीलता के आधार पर किया।
कार्यक्रम के अंत में चयनित श्रेष्ठ पोस्टरों को सम्मानित किया गया। विजेता छात्राओं को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न प्रदान किए गए। प्रतियोगिता का संचालन भूगोल विभाग के छात्रों ने उत्साहपूर्वक किया।
डॉ. अंजु दीक्षित ने समापन संबोधन में कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों में पर्यावरणीय चेतना को स्थायी बनाती हैं। उन्होंने कहा कि यदि हर विद्यार्थी अपने जीवन में पर्यावरण संरक्षण की आदतें अपनाए, जैसे — प्लास्टिक का कम उपयोग, वृक्षारोपण और जल संरक्षण — तो आने वाले वर्षों में पृथ्वी को एक स्वच्छ और संतुलित ग्रह बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान परिसर में एक “ग्रीन प्लेज वॉल” (Green Pledge Wall) भी लगाई गई, जिस पर छात्र-छात्राओं ने पर्यावरण की रक्षा का संकल्प लिखा।
पूरे आयोजन के दौरान परिसर में सकारात्मक और प्रेरक माहौल रहा।