मनीष गुप्ता
बिधनू वसूली कांड में सीएमओ ऑफिस सख्त — तीन दिन में मांगा जवाब, अफसरों में मचा हड़कंप!
मनीष गुप्ता
कानपुर।
बिधनू सीएचसी का ₹25,000 वसूली कांड अब सिर्फ चर्चा नहीं, एक्शन मोड में पहुँच गया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय ने इस पूरे प्रकरण पर संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों से तीन दिन के भीतर जवाब तलब किया है।
डॉ. यू. बी. सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (कानपुर नगर) ने जारी पत्र में कहा है कि
“सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स एवं जे न्यूज इंडिया द्वारा प्रकाशित खबर और वायरल ऑडियो के माध्यम से यह मामला संज्ञान में आया है कि बिधनू क्षेत्र में क्लीनिक सील करने और झोलाछाप कार्रवाई के नाम पर अवैध धन वसूली की जा रही है।”
पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि यदि अधिकारी ने किसी निजी क्लिनिक पर छापा मारकर धन लिया है या किसी प्रकार की वसूली की है, तो तीन कार्य दिवसों में अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें, अन्यथा मामला उच्चाधिकारियों को संदर्भित किया जाएगा।
“सीलिंग टीम” से बनी “सफाई टीम”
खबर वायरल होते ही विभाग में अफरा-तफरी मच गई है। जो अफसर कुछ दिन पहले प्राइवेट क्लिनिक पर “सीलिंग मोड” में थे, वही अब “सफाई मोड” में आ गए हैं।
सूचना जब🤫
जांच टीम जब बयान लेने पहुँची तो एक अधिकारी बोले —
“हमने पैसे नहीं लिए, डॉक्टरों ने खुद सहयोग राशि दी थी।”
दूसरे ने कहा —
“वो रकम नहीं, सम्मान का भाव था।”
विभागीय सूत्रों ने बताया कि अब विजिलेंस भी सक्रिय हो गई है और क्लिनिक संचालक के बयान व ऑडियो क्लिप की जांच हो रही है।
सीएमओ ऑफिस में हलचल
पत्र की कॉपी जिलाधिकारी व मंडल निदेशक को भी भेजी गई है। इससे संकेत साफ हैं कि अब मामला सिर्फ बिधनू सीएचसी तक सीमित नहीं रहेगा।
स्वास्थ्य महकमे में चर्चा है —
“अब फाइलें सील नहीं, ठंडी होंगी!”
जनता और मीडिया की नज़र इस पर टिकी है कि तीन दिन बाद आने वाला जवाब सफाई देगा या नई जांच खोलेगा।