25 हज़ारी इलाज योजना” की खबर वायरल होते ही स्वास्थ्य महकमे में सन्नाटा — अफसर अब बोले, ‘हम तो बस जांच कर रहे थे!’
🖋️ रिपोर्ट: मनीष गुप्ता
कानपुर।
बिधनू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के अधिकारियों की ₹25,000 वसूली वाली ‘स्कीम’ अब शहर की सबसे चर्चित दवा बन चुकी है — फर्क बस इतना है कि इससे मरीज नहीं, अफसरों का ब्लड प्रेशर बढ़ गया है!
जैसे ही “एसीएमओ के नाम पर उगाही” की खबर सोशल मीडिया और पत्रकारों के बीच वायरल हुई, स्वास्थ्य विभाग के दफ्तरों में सन्नाटा पसर गया।
जो अधिकारी कल तक निजी क्लीनिकों पर ताले लगाने जा रहे थे, आज खुद नोटिस के डर से अपने कमरे के दरवाजे बंद कर बैठे हैं।
सूत्रों के अनुसार, कुछ ‘साहब’ अब सफाई देने में जुटे हैं —
हम तो बस निरीक्षण करने गए थे, किसी ने गलतफहमी फैला दी!”
मगर निजी डॉक्टरों का कहना है —
निरीक्षण नहीं, इंस्पेक्शन फीस वसूली गई थी — वो भी कैश में!”
इधर सीएमओ कार्यालय में भी जबरदस्त तहलका मचा हुआ है।
क्योंकि इस पूरे मामले पर विजिलेंस जांच भी चल रही है, इसलिए अब हर अफसर एक-दूसरे पर टिकरा फोड़ने में जुट गया है।
सूत्र बताते हैं कि जिले के उच्च अधिकारी पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट तलब कर चुके हैं, जबकि कई निजी डॉक्टर सबूतों के साथ लिखित शिकायत देने की तैयारी में हैं।
सोशल मीडिया पर जनता खुलकर लिख रही है —
सरकारी अफसर सील करने नहीं, डील करने निकलते हैं!”
जिलाधिकारी ने भी इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश देने के संकेत दिए हैं।
अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या यह मामला फाइलों में दब जाएगा या वाकई किसी पर गाज गिरेगी।
कुल मिलाकर, बिधनू की यह कहानी अब सिर्फ ‘स्वास्थ्य विभाग’ की नहीं, बल्कि ‘सिस्टम की बीमारियों’ की बन गई है —
और इलाज की ज़रूरत मरीजों को नहीं, अफसरों को है!