मनीष गुप्ता
कानपुर। उत्तर भारत के ऐतिहासिक ग्रीन पार्क स्टेडियम में एक बार फिर क्रिकेट का महाकुंभ सजने जा रहा है। आठ साल बाद यहां वनडे मैचों का आयोजन होगा और इसके लिए तैयारियां जोरों पर हैं। भारत और आस्ट्रेलिया ए के बीच 30 सितम्बर से शुरू हो रही तीन मैचों की वनडे सीरीज को लेकर बीसीसीआई के पिच क्यूरेटर से लेकर ग्राउंड स्टाफ तक सभी दिन-रात जुटे हुए हैं।
ग्रीन पार्क में इस बार तीन नई पिचें तैयार की जा रही हैं, जबकि खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए छह प्रैक्टिस विकेट और दो स्ट्रिप विकेट भी बनाई गई हैं। पिच क्यूरेटर शिवकुमार के मुताबिक, दोनों टीमें 27 सितम्बर को कानपुर पहुंचेंगी। इसके बाद 28 और 29 सितम्बर को अभ्यास सत्र होगा। दूसरा और तीसरा वनडे से पहले भी टीमों को एक-एक दिन अभ्यास का मौका दिया जाएगा।
इस बार मैचों का प्रसारण न होने के चलते मुकाबले केंद्रीय यार्ड से हटकर तीन, पांच और सात नंबर की पिचों पर होंगे। इनमें पांच नंबर की पिच पहले भी अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेज़बान रह चुकी है, लेकिन इस बार इसे पूरी तरह नए रूप में तैयार किया गया है। काली मिट्टी से बनी इन पिचों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि दिन-रात्रि मैच में बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों को बराबर मदद मिले। पहले सत्र में तेज गेंदबाजों को उछाल का फायदा मिलेगा, जबकि शाम ढलने के बाद स्पिनरों का जादू देखने को मिलेगा। बल्लेबाजों को भी शुरुआती कठिनाइयों के बाद दूसरे सत्र में रन बनाने में आसानी होगी।
मैदान की आउटफील्ड को भी बिल्कुल नए रूप में तैयार किया गया है। पूरे मैदान में नई स्ट्रिप बिछाई गई है और आउटफील्ड को हरा-भरा बनाया गया है ताकि गेंद तेज़ी से बाउंड्री की ओर बढ़ सके। बारिश से बचाव के लिए विशेष इंतज़ाम किए गए हैं। वीआईपी रोड से स्टेडियम में पानी न घुसे, इसके लिए पीडब्ल्यूडी ने नई लाइन डाली है। साथ ही 100 से अधिक ग्राउंड्समैन 27 सितम्बर से मैदान पर तैनात रहेंगे, जो जरूरत पड़ने पर समय से कवर्स डालने और हटाने का काम करेंगे।
सीरीज का पहला वनडे 30 सितम्बर को, दूसरा तीन अक्टूबर को और तीसरा तथा आखिरी वनडे पांच अक्टूबर को खेला जाएगा। तीनों मुकाबले डे-नाइट होंगे और दोपहर 1:30 बजे से शुरू होंगे। ग्रीन पार्क में लंबे समय बाद होने जा रही इस सीरीज को लेकर क्रिकेट प्रेमियों में खासा उत्साह है। उम्मीद है कि कानपुर का यह ऐतिहासिक मैदान एक बार फिर रोमांचक क्रिकेट मुकाबलों का गवाह बनेगा।