चकेरी पुलिस ने चार आरोपियों को दबोचा, पवन मल्लाह समेत कई अब भी फरार
मनीष गुप्ता
कानपुर। शहर में रिश्तों और दोस्ती को शर्मसार करने वाली एक दिल दहला देने वाली वारदात ने लोगों को स्तब्ध कर दिया है। चकेरी थाना क्षेत्र के 22 वर्षीय युवक ऋषिकेश उर्फ सोना की उसके ही दोस्तों ने बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपियों ने पहले उसे घर से बुलाया, फिर काकोरी जंगल में ले जाकर गला रेतकर हत्या कर दी और सबूत मिटाने के लिए शव के टुकड़े-टुकड़े कर गंगा नदी में फेंक दिया।
ऐसे रचा गया पूरा षड्यंत्र
29 अगस्त की रात मोगली और निखिल, ऋषिकेश को घर से गणेश चतुर्थी पंडाल देखने के बहाने बाहर ले गए। वहां पहले से मौजूद पवन मल्लाह, बाबी, सत्याम, रिशु, आलू और डैनी ने युवक को जबरन बाइक पर बैठाया और काकोरी जंगल ले गए। सुनसान इलाके में सभी ने मिलकर चाकू से उसका गला रेत दिया। हत्या के बाद शव को बोरे में भरकर पवन के ई-रिक्शा से जाजमऊ पुल ले जाया गया और सिर व धड़ को अलग-अलग दिशा में गंगा में फेंक दिया गया।
टैटू और कलावे से हुई पहचान
31 अगस्त को महाराजपुर क्षेत्र के गौशाला गांव में गंगा किनारे शव का धड़ मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मौके पर पहुंचे परिजनों ने हाथ पर बने टैटू और कलावे के आधार पर मृतक की पहचान ऋषिकेश के रूप में की।
आरोपी की बहन से बढ़ी नजदीकियां बनी वजह
पुलिस पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ। मुख्य आरोपी पवन मल्लाह, मृतक ऋषिकेश का पुराना दोस्त था। जेल से बाहर आने के बाद जब पवन को पता चला कि ऋषिकेश की उसकी बहन से नजदीकियां बढ़ गई हैं, तो उसने गुस्से में आकर दोस्तों के साथ मिलकर युवक को मौत के घाट उतारने की योजना बनाई।
चार आरोपी गिरफ्तार, पवन अब भी फरार
पुलिस आयुक्त के आदेश पर गठित टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार अभियुक्तों—मोगली उर्फ प्रिंस, निखिल, आकाश उर्फ आलू और रिशु वर्मा—को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मुख्य आरोपी पवन मल्लाह, बाबी, डैनी और सत्याम की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों को भी जल्द पकड़ लिया जाएगा और इस जघन्य हत्याकांड में शामिल सभी अपराधियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी।