कानपुर में आज श्री झूलेलाल जी चालिहा का 41वाँ दिन मनाया गया। शाम 5 बजे पूज्य बहराणा साहिब में अखा पाने और ज्योति दर्शन के लिए भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा। मंदिर में “आयोलाल झूलेलाल” और “जय झूलेलाल” के जयघोष से माहौल भक्तिमय हो गया।
रात्रि 8 बजे बच्चों की डांस प्रतियोगिता, देशभक्ति नृत्य, सिन्धी नाटक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ हुईं। संस्था के अध्यक्ष श्याम लाल मूलचंदानी ने मंच से प्रधानमंत्री से प्रार्थना की कि सिंध प्रांत का भारत में विलय कराया जाए, जहाँ हिन्दू सिन्धी समाज पर अत्याचार हो रहा है।
रात्रि 12 बजे सभी भक्त झूमते हुए पूज्य बहराणा साहिब का विसर्जन पांडु नदी में किया, जिसमें ढोकला नृत्य (छेज) और उत्सव का आनंद लिया गया।
मुख्य उपस्थित व्यक्ति: श्याम लाल मूलचंदानी, जग्गी डबरानी, सुरेश कटारिया, महेश मनचंदा, बंटी सिधवानी, संजू डाबरानी, नरेश फूलवानी, चंद्रभान मोहनानी, मुरारी लाल चुग, बिहारी लाल बजाज, बलराम कटारिया, गणेश बजाज, मनोज लालवानी, सुरेश धमीजा, दिनेश कटारिया, विनोद मूर्जनी, मोहन मुकेश, अमित कटारिया, पूरन बजाज, मनोज डब्बू, हरिराम गंगवानी, सुनील अलवानी, लक्ष्मण दास, संजय चुग, राजकुमार मोटवानी, मनोज धमीजा, राजा मनवानी, रमेश मुरझानी, शिव द्विवेदी, प्रियंका आहूजा, दीपा रुपानी, पूनम चुग, मंजू खत्री, रोमा डबरानी, हेमा शर्मा, ज्योति गेरा, शीतल गेरा आदि।
कानपुर: श्री झूलेलाल चालिहा का 41वाँ दिन धूमधाम से मनाया