वीरेन्द्र कुमार
कानपुर।
चौबेपुर क्षेत्र में स्थित कत्था फैक्ट्रियों ने एक बार फिर से पर्यावरणीय नियमों की धज्जियाँ उड़ाते हुए नून नदी में दूषित जल का निर्वहन शुरू कर दिया है। प्रशासन द्वारा लाखों रुपये खर्च कर कराए गए नदी के जीर्णोद्धार और सफाई कार्य को इन फैक्ट्रियों की लापरवाही ने बेमानी कर दिया है।
गौरतलब है कि जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी की निगरानी में नून नदी की सफाई अभियान चलाया गया था। इसके तहत स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे कि कोई भी औद्योगिक इकाई नदी में अपशिष्ट या विषैले रसायन नहीं बहाएगी। इसके अनुपालन हेतु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा कई फैक्ट्रियों को नोटिस भी जारी किए गए थे। फिर भी नहीं सुधरे फैक्ट्री संचालक स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि फैक्ट्रियों द्वारा सीधे नदी में ज़हरीला अपशिष्ट छोड़ा जा रहा है, जिससे नदी में झाग और फेन की मोटी परतें जमा हो गई हैं। इस जल को पीने वाले मवेशियों में गंभीर बीमारियाँ फैल रही हैं। ग्रामीणों को नहाने पर चर्म रोग जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासनिक निर्देशों की अवहेलना ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्ट्री मालिक जानबूझकर प्रशासनिक निर्देशों की अवहेलना कर रहे हैं। इससे न सिर्फ़ सरकार की योजनाओं को नुकसान पहुँच रहा है, बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य पर भी सीधा खतरा मंडरा रहा है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करेगा, या फिर नून नदी दोबारा प्रदूषण की बलि चढ़ जाएगी।