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श्रद्धालुओं को भारी परेशानी
परमट कॉरिडोर मार्ग पर जलभराव से सैकड़ों वाहन बंद, अफरा-तफरी का माहौल
: मनीष गुप्ता
कानपुर।
सावन के पवित्र अंतिम सोमवार पर शहर के प्रमुख धार्मिक स्थल श्री आनंदेश्वर महादेव मंदिर, परमट परिसर और उससे जुड़े कॉरिडोर मार्ग पर भारी जलभराव की स्थिति देखने को मिली। सुबह 10 बजे से साढ़े 10 बजे तक के दौरान रिकॉर्ड किए गए दृश्य श्रद्धालुओं के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं रहे।
भारी बारिश के चलते मंदिर परिसर से सटे मुख्य मार्ग पर पानी भर गया, जिससे सैकड़ों दोपहिया वाहन बंद हो गए और दर्जनों कारें आधे से अधिक जलमग्न हो गईं। कई गाड़ियाँ बीच रास्ते में फंस गईं। श्रद्धालु अपने वाहनों को धक्का देते हुए, पानी से निकालते और आगे बढ़ने की कोशिश करते नजर आए। पूरे क्षेत्र में अव्यवस्था, असुविधा और अफरा-तफरी का माहौल रहा।
जिस कॉरिडोर मार्ग को सुव्यवस्थित और भीड़ रहित यातायात के लिए विकसित किया जा रहा है, वही कुछ घंटों की बारिश में व्यवस्था की असल तस्वीर सामने ले आया। जलभराव के चलते कई श्रद्धालुओं को अपने वाहन वहीं छोड़कर पैदल मंदिर तक जाना पड़ा, जबकि कुछ लोग वापस लौटने को विवश हो गए। इससे मंदिर में आने वाले भक्तों की संख्या पर भी असर पड़ा।इस दौरान मौके पर प्रशासन की ओर से कोई राहत टीम या आपातकालीन व्यवस्था देखने को नहीं मिली। श्रद्धालुओं को अकेले ही हालात से निपटना पड़ा, जिससे नाराजगी और असंतोष का माहौल उत्पन्न हुआ। नगर निगम की लापरवाही भी साफ दिखाई दी। बारिश से पूर्व जलनिकासी के पर्याप्त इंतज़ाम नहीं किए गए। नालियों की समय पर सफाई न होने और उचित जल बहाव की व्यवस्था न होने से यह स्थिति उत्पन्न हुई। ऐसे महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर पर बुनियादी व्यवस्थाओं का अभाव और जलभराव की पुनरावृत्ति यह दर्शाती है कि विकास कार्यों में स्थायी समाधान की दिशा में गंभीर प्रयास नहीं हो रहे हैं। श्रद्धालुओं और नागरिकों की ओर से यह मांग उठाई जा रही है कि प्रशासन इस घटना से सीख लेकर जल्द से जल्द स्थायी और तकनीकी समाधान की ओर कदम बढ़ाए, ताकि भविष्य में धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालु ऐसे हालात से दो-चार न हों।