पुलिस की नाकेबंदी तोड़कर दिव्यांग पहुंचे लोक भवन
मुख्यमंत्री के ओ एस डी से पुलिस प्रशासन ने कराई वार्ता , मांगों को पूरा करने का मिला आस्वाशन
पुलिस गाड़ी में भरकर ले गयी दिव्यांगों को, बैसाखी तक नहीं लेने दिया पुलिस ने
पुलिस ने 25 जिलों के पदाधिकारियों सहित दिव्यांग महागठबंधन के महासचिव वीरेन्द्र कुमार को 5 दिन व अध्यक्ष मनीष प्रसाद को 48 घण्टे से कर रखा है हाऊस अरेस्ट
कानपुर। दिव्यांग महागठबंधन के विधानसभा पर प्रदर्शन के आवाहन को देखते हुए महागठबंधन के महासचिव वीरेन्द्र कुमार, अध्यक्ष मनीष प्रसाद सहित 25 जिलों के पदाधिकारियों को पुलिस ने नजरबंद कर रखा है।
आज पुलिस प्रशासन ने मुख्यमंत्री के ओ एस डी से वार्ता करवाया । प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष मनीष प्रसाद के नेतृत्व में वार्ता किया। वार्ता में जितेन्द्र वर्मा, आनन्द तिवारी, अजीत कुमार, अदनान खान, राम निहाल द्विवेदी शामिल थे।
वार्ता के बाद के बाद मुख्यमंत्री ने मांगों पर ठोस कार्यवाही का भरोसा दिया है। मुख्यमंत्री के ओ एस डी से लेखपाल, मुख्य सेविका अभ्यर्थी की नियुक्ति, सीजनल संग्रह अमीनों के विनियमितिकरण, दिव्यांग पेंशन पांच हजार रुपए करने, अन्त्योदय, आयुष्मान कार्ड बनाने, आवास कि सुविधा देने की मांग रखी। जिस पर मुख्यमंत्री ने कार्यवाही का भरोसा दिया।
आज दिव्यांग संगठनों के कार्यकर्ता विधानसभा सुबह 8 बजे से पहुंचने लगे थे। कुछ दिव्यांग पुलिस को चकमा देकर विधानसभा पर लोक भवन के सामने पहुंच गए। पुलिस उनको जबरदस्ती बसों में भरकर ईको गार्डन ले गयी। बहुत से दिव्यांगों को चारबाग रेलवे व बस स्टेशन से पुलिस बसों में भरकर ले गयी विधानसभा नहीं जाने दिया। राष्ट्रीय दिव्यांग पार्टी की महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अल्पना कुमारी व दिव्यांग महागठबंधन के कोषाध्यक्ष जितेन्द्र वर्मा विधानसभा लोकभवन के सामने पहुंच कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। पुलिस ने जबरिया उनको टांग कर उनकी स्कुटी से उतार कर पुलिस कि गाड़ी में लाद दिया। उन्हें बैसाखी लेने का मौका नहीं दिया।
महागठबंधन के महासचिव वीरेन्द्र कुमार ने सरकार पर दिव्यांगों कि उपेक्षा का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि दिव्यांग आत्म हत्या कर रहे हैं सरकार मुक दर्शक बनी है। लेखपाल व मुख्य सेविका अभ्यर्थियों के साथ यूपी तृपल एससी आयोग अन्याय कर रहा है। आयोग कि गलती का खामियाजा दिव्यांग अभ्यर्थी भुगत रहे हैं और आत्म हत्या कर रहे हैं।
वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि हम लेखपाल व मुख्य सेविका अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने, सीजनल संग्रह अमीनों का विनियमितिकरण करने, नौकरियों
नौकरी रोजगार स्वास्थ शिक्षा सुरक्षा कि सौ फीसदी गारंटी, पेंशन पांच हजार रुपए करने, नौकरियों में आरक्षण कोटा पूरा करने सहित 27 सूत्रीय मांगों को पूरा करने की मांग कर रहे हैं ।
महागठबंधन के अध्यक्ष मनीष प्रसाद ने कहा कि आज पुलिस का व्यवहार अच्छा नहीं था। पुलिस दिव्यांगों पर अपराधियों की तरह टूट पडी। हम जल्द सरकार के अन्याय के खिलाफ रणनीति बनाकर सड़कों पर उतारेंगे।
कोषाध्यक्ष जितेन्द्र वर्मा ने कहा कि पुलिस ने हमारे साथ बर्बरता की है हमको लोक भवन में प्रदर्शन के बाद बैसाखी तक नहीं उठाने दिया। ये सरकार दिव्यांग विरोधी है। हम अपने अधिकारों के लिए लड़ेंगे और अपने वोट बैंक कि ताकत के जरिए सरकार को उखाड़ फेंकेंगे।
आज के प्रदर्शन में कोषाध्यक्ष जितेन्द्र वर्मा, प्रवक्ता आनन्द तिवारी,तन्मय श्रीवास्तव, अखिल उत्तर प्रदेश बधिर संघ के अदनान खान, दिव्यांग विकास सोसायटी अजीत कुमार, विकलांग कल्याण समिति मुकेश कुमार, विकलांग कल्याण एकता संगठन समिति, कांग्रेस दिव्यांग प्रकोष्ठ, राष्ट्रीय दिव्यांग पार्टी, दिव्यांग विकास सोसायटी, भारती दिव्यांग सेवा समिति, विकलांग एसोसिएशन, वधिर एसोसिएशन, एसोसिएशन आफ द डेफ, डीफ एसोसिएशन लेखपाल अभ्यर्थी संघ, दिव्यांग जीवन ज्योति फाउण्डेशन आदि थे।