कानपुर।राष्ट्रीय अटल आरोग्य संघ ने डॉ. अतुल कुमार मिश्रा के नेतृत्व में नशा मुक्ति शिविर लगाया, जिसमें पारिवारिक हिंसा में नशा एक प्रमुख कारण बताया गया। इस शिविर में नशे की लत से ग्रस्त मरीजों का इलाज किया गया और उन्हें नशा मुक्ति के लिए प्रेरित किया गया। नशा व्यक्ति की सेहत ही नहीं, बल्कि परिवार पर भी घातक प्रभाव डालता है। नशे की लत से ग्रस्त मरीजों में तनाव, कुंठा, हताशा और बेरोजगारी के कारण नशा करने की प्रवृत्ति बढ़ जाती है। शिविर में आए मरीजों में से अधिकांश पान मसाला और शराब के आदी थे, जिनमें मुंह ना खुलने की समस्या सबसे ज्यादा पाई गई। 20% मरीजों में लीवर की समस्या भी मिली। शिविर में मरीजों की काउंसलिंग की गई और उन्हें नशा मुक्ति के लिए प्रेरित किया गया।
डॉ. मिश्रा ने जोर देकर कहा कि सामाजिक संगठनों को स्वास्थ्य शिविर की तरह नशा मुक्ति शिविर लगाना चाहिए ताकि काउंसलिंग के साथ फ्री इलाज भी मिल सके। शिविर में आए मरीजों ने निशुल्क नशा मुक्ति शिविर की प्रशंसा की और नशा मुक्त भारत का संकल्प लिया।
शिविर के आयोजन में सोसाइटी योग ज्योति इंडिया ने सहयोग किया और ज्योति बाबा ने मरीजों की काउंसलिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शिविर के आयोजन में पवन द्विवेदी, आशीष कुमार सिंह, मोनू कुमार, दुर्गा और अंकिता आदि की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही।