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पेंशनर्स ने बैठक में लिया निर्णय 15 जुलाई को धरना, प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपेंगे जिलाधिकारी को
कानपुर-सेवानिवृत्ति कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के प्रांतीय अध्यक्ष अमरनाथ यादव के आवाहन पर आगामी 15 जुलाई को प्रदेश व्यापी आन्दोलन के चरण में धरना प्रदर्शन कर देश के प्रधानमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन दिये जाने के उद्देश्य से कृषि भवन सभागार में वीएन पाल की अध्यक्षता में बैठक प्रारंभ हुई, बैठक को सम्बोधित करते हुए जिले के अध्यक्ष बीएल गुलाबिया ने बताया कि देश के प्रधानमंत्री ने आठवें वेतनमान की घोषणा कर कर्मचारियों, पेंशनरों को जनवरी 2026 से देने की घोषणा किया था, किन्तु अभी तक आयोग का विधिवत गठन न किये जाने से आयोग कोई कार्य नहीं कर रहा है इसलिए पेंशनरों को जनवरी 2026 में इसका लाभ मिलना प्रतीत नहीं हो रहा है जिसके लिए पेंशनर अब शान्त नहीं बैठेंगे, अपनी न्यायिक आन्दोलन के लिये आज से जागरूकता अभियान प्रारम्भ कर आगामी 15 जुलाई को कानपुर के कलेक्ट्रेट के समक्ष धरना, प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री जी को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपेंगे सरकार द्वारा वित्त संशोधन अधिनियम 2025 के नियमों के तहत बदलाव से पेंशनर्स में आक्रोश व्याप्त है सरकार को लिखित रूप से घोषणा करनी चाहिये कि वित्त संशोधन अधिनियम 2025 से पुराने पेंशन को किसी प्रकार की क्षति नहीं होगी और पूर्व की भांति लाभ प्राप्त होगा, इसके साथ कोरोना काल में 18 माह का रोका गया मंहगाई भत्ता एवं किराये भत्ते में 40 प्रतिशत छूट दिये जाने, राशिकरण की कटौती 10 वर्ष में बंद किये जाने जैसे अनेकों मांगों पर चर्चा के दौरान पेंशनरों में आक्रोश जताया कि सरकार पेंशनरों के प्रति अत्यन्त उदासीन है बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक कुमार मिश्रा ने बताया कि पेंशनर समाज में वरिष्ठ नागरिक की हैसियत से कार्य करता है यदि पेंशनर नाराज हुआ तो कर्मचारियों से अधिक आज पेंशनर है जो सरकार के निर्माण में कुछ भी कर सकते हैं पेंशनर महिला नेता शाबाजनाज ने बताया कि महिला पेंशनर भी अत्यधिक है इस आन्दोलन में महिलायें भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेगी बैठक ने वीएन पाल, दुर्गा प्रसाद, बीएल गुलाबिया, अशोक कुमार मिश्रा, आनन्द अवस्थी, सत्य नारायण, साहबदीन यादव, सन्तोष कुमार त्रिपाठी, वीरेन्द्र सिंह, विष्णु कुमार पाल, हीरालाल शर्मा, सुभाष भाटिया, चन्द्र सिंह चौहान, एडवोकेट, आरपी श्रीवास्तव एडवोकेट, रविन्द्र कुमार मधुर आदि उपस्थित रहें।