मनीष गुप्ता
कानपुर।
समाज कल्याण सेवा समिति (पंजी०) द्वारा विगत 2009 से कानपुर नगर में लावारिशों शवों का ससम्मान अन्तिम संस्कार कराया जा रहा है। वर्तमान में समिति द्वारा 16000 लावारिश शवों का अन्तिम संस्कार उनके धर्मानुसार कराया जा चुका है जिसमें विभिन्न धर्मों के धर्मगुरूओं द्वारा प्रार्थना कर अपने धर्मानुसार लावारिश शवों को ससम्मान कन्धादान देकर रवाना किया जाता है। यह कार्यक्रम समिति द्वारा पाँच दिवसीय कन्धादान अभियान के तहत तीसरा दिन जिसमें ईसाई समुदाय द्वारा प्रार्थना कर ईश्वर से आत्माशान्ति की चाह रख मोमबत्तियाँ जलाकर लावारिश शवों की लिए प्रार्थना की गई। तदुपरान्त कन्धादान देकर लावारिश शवों को अन्तिम यात्रा शुरू हुई। शव यात्रा में शहर के कई गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत की और एक कुन्तल फूलों की वर्षा करते हुए शव यात्रा शहर से निकली तो देखने वाले राहगीरों ने पूछा कि यह किस महापुरूष की अन्तिम शव यात्रा है , राहगीरों में कन्धा देने की होड़ सी लगी रही।इस मौके पर संस्था के सचिव धनीराम पैंथर ने कन्धा देने वालो व कार्यक्रम में शिरकत करने वालों का आभार व्यक्त किया कहा कि हमारे इस महामानव यज्ञ में आपका सहयोग अतिआवश्यक है। यह कार्य इंसानियत से प्रेरित है जो हमारे बीच में रहने वाला इंसान अगर अपनी पहचान खोकर मृत्यु हो जाती है तो उसे लावारिश घोषित कर दिया जाता है। एक इंसान दूसरे इंसान के रहते हुए लावारिश कैसे हो
सकता है। इसी भावना को लेकर महामानव धर्मार्थ कार्य में मैं लोगों से अपील करता हूँ कि आप मुझे सहयोगार्थ स्वरूप कफन दें, पन्नी दें, चादर दें, बांस दें और वो भी न दे सके तो इन शवों का कम से कम कन्धा देकर अपना मानव धर्म निभायें। कन्धादान अभियान में पास्टर सैमुअल सिंह, जितेन्द्र सिंह,
संजय गुप्ता विनीत कुमार ,मनीषा पैंथर, निशा दीक्षित,आदि सैकड़ो संख्या में लोग उपस्थित रहे।