विश्व स्ट्रोक दिवस पर पारस अस्पताल चलाएगा जागरूकता अभियान, 23 से 28 अक्टूबर तक लगेंगे शिविर
कानपुर। विश्व स्ट्रोक दिवस के अवसर पर ब्रेन स्ट्रोक के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए पारस अस्पताल की ओर से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस वर्ष की थीम ‘Every Minute Counts’ यानी हर मिनट महत्वपूर्ण है। अभियान के तहत 23 से 28 अक्टूबर तक स्वास्थ्य शिविर, जागरूकता कार्यक्रम और अस्पताल के स्टाफ के लिए विशेष प्रशिक्षण एवं प्रमाणन की व्यवस्था की गई है।
पारस अस्पताल के न्यूरोलॉजी विभाग के निदेशक डॉ. प्रदीप कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य स्ट्रोक के लक्षणों की समय पर पहचान और मरीजों को जल्द उपचार उपलब्ध कराने के प्रति लोगों को जागरूक करना है।
चिकित्सकों के अनुसार, ब्रेन स्ट्रोक के मरीज को शुरुआती लक्षण दिखने पर तत्काल स्ट्रोक का इलाज करने में सक्षम अस्पताल पहुंचाना बेहद जरूरी है। कुछ पात्र मरीजों को लक्षण शुरू होने के साढ़े चार घंटे के भीतर जांच के बाद क्लॉट बस्टर इंजेक्शन दिया जा सकता है। इससे मस्तिष्क को होने वाले नुकसान और लंबे समय तक रहने वाली विकलांगता का जोखिम कम हो सकता है।
स्ट्रोक के कारण मरीज को लकवा, बोलने में परेशानी और अन्य शारीरिक व मानसिक समस्याएं हो सकती हैं। समय पर उपचार और उचित न्यूरो रिहैबिलिटेशन से मरीज की रिकवरी में मदद मिल सकती है। अस्पताल की ओर से लोगों से अपील की गई है कि स्ट्रोक के लक्षण दिखने पर घरेलू उपचार या इंतजार करने के बजाय तुरंत चिकित्सा सहायता लें। अभियान के जरिए मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में होने वाली देरी कम करने और उनके परिजनों को जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा।