स्वास्थ्य विभाग ने अनधिकृत ICU पर की कार्रवाई, एसीएमओ रमित रस्तोगी के नेतृत्व में टीम पहुंची
मनीष गुप्ता
कानपुर। श्यामनगर पीएसी मोड़ के पास स्थित KPS Hospital में उपचार के दौरान 20 वर्षीय युवक मितेष कुमार की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाकर करीब 17 घंटे तक हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर परिजनों को शांत कराया।
फतेहपुर के खागा क्षेत्र के टेनी निवासी राम सुमेर के अनुसार उनका भाई मितेष कुमार लुधियाना में काम करता था। रक्षाबंधन पर घर आने के बाद वह बुखार से पीड़ित हो गया था। परिजनों ने 29 सितंबर को उसे बाईपास स्थित KPS Hospital में भर्ती कराया। यहां उसे ICU में रखा गया। परिजनों का आरोप है कि उपचार के नाम पर प्रतिदिन करीब 40 हजार रुपये लिए गए। रविवार दोपहर अस्पताल की ओर से उसे दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई। इधर-उधर भटकने के बाद परिजन मितेष को दोबारा अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र के अनुसार तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की जांच में अनधिकृत ICU पर कार्रवाई
मामले के बीच स्वास्थ्य विभाग ने 6 अक्टूबर को KPS Hospital के अनधिकृत ICU के खिलाफ कार्रवाई की। एडीशनल सीएमओ डॉ. रमित रस्तोगी के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम अस्पताल पहुंची और ICU का निरीक्षण किया। विभागीय जांच के दौरान ICU के संचालन से संबंधित अनुमति और निर्धारित मानकों की स्थिति देखी गई। इसके बाद अनधिकृत ICU को सील कर दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई से अस्पताल प्रबंधन में खलबली मच गई। अधिकारियों का कहना है कि अस्पतालों में नियमों और निर्धारित मानकों का पालन अनिवार्य है। अनियमितता मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।